देर शाम कोठी के बाहर एकत्रित कार्यकर्ता फिर भड़क उठे। उन्होंने कहा कि अंदर उनकी माताजी (जसमा देवी) हैं, जो 90 वर्ष की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर रखा गया है। डॉक्टर से भी मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि या तो उन्हें उनकी माता से मिलवाया जाए नहीं तो मौके पर और कार्यकर्ता बुलाए जाएंगे।
एसएचओ ने कार्यकर्ताओं को धमकाया
कार्यकर्ताओं के हंगामा करते देख मौके पर सिविल लाइन एसएचओ सतबीर सिंह पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बात की तो उन्होंने मांग की कि उन्हें माताजी और भव्य बिश्नोई के दर्शन करवाओ। इस पर एसएचओ ने कहा कि वे अंदर बात नहीं कर सकते, यदि उन्हें इस तरह की बात करती है तो उच्चाधिकारियों से बात करें। उन्हें निर्देश हैं कि पार्क के आगे गेट के सामने किसी को नहीं आने देना। ऐसे में कोई पार्क के बाहर गली में आया तो उसे हिरासत में ले लिया जाएगा। इसके बाद कार्यकर्ता पीछे हट गए।
टीम के लिए मंगवाए गए हैं गद्दे
पिछले 60 घंटे से लगातार चल रही कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग की टीम के सदस्य अंदर ही हैं। वे न तो किसी को अंदर आने दे रहे हैं और न ही बाहर जाने दे रहे। उनका खाना-पीना अंदर हो रहा है। उनके लिए गद्दे मंगवाए गए हैं। उनके सोने की व्यवस्था हॉल में की गई है।
कुलदीप बिश्नोई के आवास पर एक लैंडलाइन फोन भी लगा है, जिसका आयकर अधिकारियों की टीम ने आते ही कनेक्शन काट दिया था।
नौकरानी के बेटे को भेजा स्कूल
कुलदीप बिश्नोई की घरेलू नौकरानी सुशीला का बेटा आशीष आयकर विभाग के छापे के कारण पिछले दो दिन से अपने शिक्षण संस्थान में नहीं जा पा रहा था। वह 11वीं कक्षा का छात्र है और प्राइवेट संस्थान में कोचिंग लेता है। वीरवार को टीम ने उसे शिक्षण संस्थान जाने की इजाजत दी। सुशीला को जसमा देवी की देखभाल के लिए रखा गया है।
शाम को दी जसमा को लॉन में घूमने की इजाजत
शाम को जसमा देवी को आयकर के अधिकारियों ने कोठी के अंदर घूमने की इजाजत दी। इसके बाद वे लॉन में करीब 15-20 मिनट तक टहलती रहीं। इस बीच गेट पर पुलिस बल चौकस कर दिया गया और किसी प्रकार की कोई फोटो आदि नहीं खींचने दी गई। टहलने के दौरान जसमा देवी ने किसी से बातचीत भी नहीं की। टहलने के बाद वह अंदर चली गईं।
80 लाख का सोना मिलने की होती रही चर्चा
दोपहर में कुलदीप के आवास से टीम को 80 लाख रुपये का सोना बरामद होने की चर्चा फैल गई। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। बाद में ऐसी भी चर्चा चली कि यह सोना हिसार आवास के बजाय गुरुग्राम फार्म हाउस पर हुई रेड में मिला है, लेकिन पुष्टि न होने पर इसे अफवाह ही बताया गया।