चंडीगढ़। योग सिर्फ मरीजों को निरोग नहीं कर रहा बल्कि, उनका इलाज करने वाले डॉक्टर भी इसकी मदद से विभिन्न तरह की समस्याओं से छुटकारा पा रहे हैं। 24 घंटे मरीजों से घिरे रहने वाले डॉक्टरों को योग करने से जहां मानसिक और शारीरिक बल मिला, वहीं वह पहले से बेहतर परिणाम भी देने लगे। योग से डॉक्टरों पर पड़ने वाले सकारात्मक परिणाम की पुष्टि अयंगर योगाश्रम मुंबई की ओर से कोविड के बाद किए गए शोध से होती है। इसमें मुंबई और आसपास के अन्य शहरों के एमडी डॉक्टर पर योग के प्रभाव का आकलन किया गया। इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए।
पीजीआई में पिछले दिनों आयोजित योग सम्मेलन में आईं अयंगर योगाश्रम मुंबई की डॉ. राजवी मेहता ने बताया कि योग के प्रभाव का आकलन करने के लिए वे अपने स्तर पर शोध नहीं करतीं। बल्कि इसमें थर्ड पार्टी के फार्मूले को अपनाती हैं। उन्होंने बताया कि अयंगर योग के माध्यम से बैक पेन, सर्वाइकल, हार्ट प्रॉब्लम और मेंटल हेल्थ जैसे समस्याओं पर अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय लगातार शोध कर रहे हैं। योग से उन्हें सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। वहीं, कोविड के बाद डॉक्टरों की स्थिति का आकलन करने के लिए किए गए शोध में भी इसकी पुष्टि हुई है। इसमें शोध में शामिल डॉक्टरों का योग के माध्यम से केवल मेंटल और इमोशनल स्ट्रेस ही कम नहीं हुआ बल्कि उनकी नींद बेहतर हुई और वह पहले से अच्छा परफॉर्मेंस करने लगे।
4 महीने तक कराया योग
डॉ राजवी ने बताया कि शोध के लिए डॉक्टर से ऑनलाइन संपर्क किया गया, क्योंकि उनका सत्र में व्यक्तिगत स्तर पर मौजूद होना संभव नहीं हो रहा था। इसके लिए दो ग्रुप बनाए गए। मुख्य ग्रुप में 36 डॉक्टरों को शामिल किया गया। वे नियमित रूप से सत्र में ऑनलाइन जुड़े और विभिन्न आसन और प्राणायाम भी किया। वहीं, कंट्रोल ग्रुप में शामिल 30 डॉक्टर ऐसे थे, जो सत्र में शामिल नहीं हुए। उन्हें योग करने की सलाह लगातार दी गई। चार महीने के बाद दोनों ग्रुप का आकलन किया गया। मुख्य ग्रुप में शामिल डॉक्टरों पर शोध शुरू करने से पहले विभिन्न मापकों से उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति का आकलन किया गया था। वहीं, शोध समाप्त होने के बाद पुनः उसका आकलन किया गया। इसमें काफी बदलाव नजर आया। कंट्रोल ग्रुप में शामिल 30 डॉक्टरों में से 6 ड्रॉप आउट हुए। समय सीमा समाप्त होने के बाद उनसे क्वेश्चनायर भरवा कर उनका फीडबैक लिया गया। वह भी योग करने से काफी संतुष्ट पाए गए। डॉ. राजवी ने बताया कि शोध में बेहोशी के डॉक्टर ज्यादा थे। उन्हें सबसे ज्यादा समस्या नींद पूरी न होने से हो रही थी। क्योंकि कई बार इमरजेंसी कॉल के दौरान उन्हें रात में 8 से 9 घंटे लगातार ओटी में खड़े होकर गुजारना पड़ता था। ऐसे में उन्होंने योग और आसान करने के बाद काफी आराम महसूस किया।
इनसेट- अयंगर योग आप भी जान लें
अयंगर योग की रचना स्वर्गीय योग गुरु बीकेएस अयंगर ने की थी। उन्होंने काफी अनुसंधान के बाद योग की इस विधा का आविष्कार किया था। अयंगर योग अष्टांग योग के पहलुओं पर आधारित योग है, जिसके नियमित अभ्यास के कई फायदे हैं। इस योग विधा में प्राणायाम और योगासन करते समय उसकी मुद्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। योग गुरु अयंगर ने योगासनों का अभ्यास करने के लिए तमाम तरह की चीजों का सहारा लिया, जिससे योगासनों का अभ्यास सरल हो जाता है। इसके अलावा सही ढंग से योग का अभ्यास शरीर और मन को नियंत्रण में रखने का काम करता है। योग ऋषि अयंगर का मानना था कि सही ढंग से योगासनों का अभ्यास करने से शरीर स्वस्थ रहता है और इसके साथ ही बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। अयंगर योग में 200 योग आसन और 14 प्राणायाम हैं, जो क्रम के हिसाब से कठिन होते रहते हैं।