खेल के लिए साल 2017 में कई खट्टे-मीठे अनुभवों से भरा रहा। इस साल खेलों के लिए इंफ्रस्ट्रक्चर बढ़ा तो कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर शहर का नाम रोशन किया। हॉकी हो या फुटबाल। गोल्फ हो या क्रिकेट। लगभग हर खेल में शहर के खिलाड़ियों ने अपनी धमक पैदा की। इंफ्रस्ट्रक्चर मिलने से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा तो स्पोर्ट्स पालिसी नहीं बनने से निराशा भी नजर आई। साल के अंत में कुछ ऐसे विवाद भी रहे, जिससे खिलाड़ियों को शर्मशार भी होना पड़ा।
इन खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान
देश में पहली बार फीफा फुटबॉल कप का आयोजन किया गया। फुटबॅाल के इस महाकुंभ में भारत की टीम में सिटी के तीन खिलाड़ी शामिल रहे। इनमें भारतीय टीम के कप्तान अमरजीत, संजीव, प्रभसुखन शामिल हैं।
मलेशिया में खेला गया जोहर बाहरू कप में हॉकी में इंडिया की ओर से चंडीगढ़ हाकी अकादमी के मनिंदर सिंह, संजय, सुखजीत सिंह शामिल रहे। प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने ब्रांज मेडल जीता था। एशिया कप में इसी अकादमी के संजय, मनिंदर, जसप्रीत सिंह शमिल रहे। नवंबर महीने में जापान में खेले गए एशिया कप में भारत को गोल्ड मेडल जीताने में अहम भूमिका निभाने वाली मोनिका भी इसी शहर की हैं।
आदिल बेदी : यह साल गोल्फ के खिलाड़ी आदिल बेदी के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। जूनियर वर्ग की वर्ल्ड रैकिंग में आदिल ने दसवां स्थान हासिल किया। आदिल बेदी को
उनके प्रदर्शन के लिए विराट कोहली इंडियन स्पोर्ट्स ऑनर्स से सम्मानित किया गया।
सिद्धार्थ कौल : शहर के सिद्धार्थ कौल भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। उन्हें श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरिज में शामिल किया गया था। वे मध्यम गति के गेंदबाज हैं। पंजाब के रहने वाले कौल को जब अपने चयन की खबर मिली तब वह रणजी मैच खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भारतीय टीम में चयन की उम्मीद नहीं छोड़ी थी।
सतिंदर डागर : दिल्ली में आयोजित डब्ल्यूडब्ल्यूई में सिटी के ट्रेनी सतिंदर डागर ने बड़ा धमाका किया। उन्होंने मात्र दस मिनट के भीतर अमेरिका के रेसलर मिंज को हराकर बड़ा उलेटफेर किया। सतिंदर डागर ने चंडीगढ़ में ही रेसलिंग के गुर सीखे थे।