अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी दो माह बाद एक बार फिर जसिया में भीड़ जुटाने में कामयाब रहे। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि समझौते के बाद सरकार का अभी तक सकारात्मक रूख रहा है।
कुछ लोग जमानत पर छूटकर बाहर आ गए हैं और अधिकांश लोगों को नौकरी भी मिल गई है। फिर भी समझौते की समीक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर चार जून को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इसमें अगली रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं उन्होंने कैप्टन अभिमन्यु के घर हुए नुकसान पर भी दुख जताया और युवाओं को माफ किए जाने की मांग की।
समिति के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को जसिया में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में रामपाल के समर्थकों समेत अच्छी खासी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे भी पहुंचे। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों का सरकार के प्रति नरम रवैया दिखाई दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार के साथ कई बातों को लेकर समझौता हुआ था। पहला मामला जाट आरक्षण का था। यह विचाराधीन है। समझौते के समय 60 लोग जेल में बंद थे। इसमें से अब तक करीब 30 लोगों की जमानत हो चुकी है। अधिकतर पीड़ित परिवारों को नौकरी और 95 प्रतिशत घायलों को भी मुआवजा मिल चुका है। इसके अलावा मुकदमे खत्म करने की भी मांग थी। इस मांग को लेकर सरकार के साथ कानूनी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसका भी समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। समझौते के बाद अभी तक सरकार का सकारात्मक रुख है।