अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली उपभोक्ता की कंपनी का लोड दूसरी कंपनी को देने पर हरियाणा सरकार ने रोहतक के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता महताब सिंह व तत्कालीन सब डिविजन अधिकारी जितेन्द्र कुमार (ऑपरेशनल) सब डिविजन-1/ एरिया, रोहतक को दोषी पाया गया। इसलिए मुख्यमंत्री ने संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के ओएसडी भुपेश्वर दयाल ने बताया कि सीएम विंडो पर कुताना हिसार रोड निवासी अरविंद ने अपनी कंपनी के जनवरी 2023 के बिल के साथ लोड ज्यादा इस्तेमाल होने के अतिरिक्त चार्ज लगने की शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बिजली का लोड बढ़वाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। शिकायतकर्ता ने कई बार उपमंडल अधिकारी व कार्यकारी अभियंता से मुलाकात की, लेकिन उन्हें कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला। बाद में उसे बताया गया कि बिजली विभाग पर लोड उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से लोड नहीं दिया गया है। शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि कार्यकारी अभियंता ने उनके आवेदन को अंडर प्रोसेस बताकर किसी दूसरी कंपनी के आवेदन को स्वीकृत करके उसे बिजली का अतिरिक्त लोड दे दिया है। इस कारण से शिकायतकर्ता को पिछले 5 महीने से ओवर लोड चार्जिस का भुगतान करना पड़ा।
बाद में उन्होंने इस मामले की शिकायत सीएम विंदो पर की। शिकायत मिलने पर इस पूरे मामले की जांच अधीक्षण अभियंता (एसई) (ऑपरेशनल) सर्कल उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम, रोहतक को सौंपी गई। जांच में महताब सिंह व जितेन्द्र कुमार (ऑपरेशनल) दोषी पाए गए। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ओएसडी दयाल ने कहा कि सीएम विंडो से जनमानस की आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है। लोगों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के साथ-साथ सही तरीके से कार्य न करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी तुरंत कार्रवाई की जा रही है।