एनडीपीएस के एक मामले में अफ्रीका निवासी आरोपी को नीग्रो लिखने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि महात्मा गांधी ने रंगभेद के खिलाफ दो दशक लड़ाई लड़ी। ऐसे में दस्तावेजों में अफ्रीका निवासी व्यक्ति को नीग्रो लिखना भारत को शर्मसार करने वाला है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब अफ्रीका निवासी भारत आते हैं तो वे देश के मेहमान होते हैं। अतिथि सत्कार की परंपरा को हमें भूलना नहीं चाहिए। आजाद भारत के नागरिक के तौर पर हमें सम्मान से जीने का अधिकार है, लेकिन हमें किसी को उसके रंग के आधार पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। गुलामी के बाद मिली आजादी के दौर में हमें किसी को काला कहने का हक नहीं मिल जाता।
यह अपने आप में एक अलग मामला है जिसमें हाईकोर्ट ने इस प्रकार के आदेश जारी किए हैं। अक्सर पंजाब पुलिस एनडीपीएस के मामलों में दर्ज एफआईआर में अफ्रीकन नागरिकों को नीग्रो शब्द से संबोधित करती है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब इस प्रकार का संबोधन नहीं किया जाएगा और अफ्रीकन नागरिकों को उनके देश के साथ जोड़कर दस्तावेजों में दर्ज किया जाएगा।