ब्लू बर्ड झील में घूमने आने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। अब वे पानी के बीच टापू पर भी खाना खाने का लुत्फ उठा सकेंगे। इसको लेकर झील के बीच बने टापू की चौड़ाई बढ़ाकर घास लगाई गई है। यहां एक झोपड़ी भी तैयार की गई है। रात के समय में रंग-बिरंगी लाइटों से जगमग टापू दूर से ही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
खास बात है कि झील में पानी के बीच टापू पर एक बार में 20 से 30 लोग बैठकर खाना खा सकेंगे। हालांकि लॉकडाउन के कारण अभी यहां लोग न के बराबर ही पहुंच रहे हैं लेकिन अनलॉक के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। दरअसल लॉकडाउन से पहले ब्लू बर्ड झील में आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से भी लोग बोटिंग का आनंद लेने पहुंचते थे। खासकर यहां रविवार को बच्चों की भीड़ दिखाई देती थी। ब्लू बर्ड झील में बोटिंग का आनंद उठाने के लिए यहां आठ पैडल और एक मोटर से चलने वाली बोट की सुविधा दी गई है।
फिलहाल मछलियों को दाना और बंदरों को केले खिलाने वालों की भीड़
भले ही ब्लू बर्ड में बोटिंग का आनंद उठाने के लिए कम लोग आ रहे हैं, मगर रविवार को यहां मछलियों को दाना और बंदरों को केले खिलाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। इस दौरान कोई बोटिंग करता है तो कोई नहीं। ठेकेदार सतपाल यादव का कहना है कि कोरोना को देखते हुए लोग न के बराबर ही पहुंच रहे हैं। टापू पर बैठकर खाना खाने का अलग ही मजा है, इसके प्रति लोगों का क्रेज बढ़ रहा है।
ब्लू बर्ड झील पर एक नजर
- 16 एकड़ में बनी है झील।
- झील के बीच बना है टापू।
- साढ़े पांच से छह फुट है झील की गहराई।
- सिरसा-दिल्ली बाईपास पर हरियाणा टूरिज्म ने ब्लू बर्ड टूरिज्म केंद्र को वर्ष 1995 में स्थापित किया था।
- कुल नौ बोट, जिनमें से आठ पैडल वाली और एक मोटर से चलने वाली नाव हैं।
- होटल एवं रेस्टोरेंट की सुविधा।