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विश्व धरोहर दिवस: चंडीगढ़ में है मक्का ऑफ आर्किटेक्ट... नायाब आर्किटेक्चर वर्क का उदाहरण है कैपिटल कांप्लेक्स

Fri, 18 Apr 2025 09:14 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कैपिटल कांप्लेक्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से कंक्रीट से बना है। अपने आप में इस तरह के आर्किटेक्चर वर्क का यह पूरे विश्व के लिए अनोखा उदाहरण है। आज दुनिया के सभी कोने के आर्किटेक्चर छात्र इस बिल्डिंग को देखने आते हैं। उनके लिए यह एक नायाब भवन है। इसे मक्का ऑफ आर्किटेक्ट भी कहा जाता है। 
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चंडीगढ़ का कैपिटल कांप्लेक्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिटी ब्यूटीफुल में वैसे तो घूमने के लिए बहुत कुछ है। लेकिन दुनिया के पैमाने पर अगर शहर की पहचान किसी भवन ने बनाई है तो वह कैपिटल कांप्लेक्स है। कैपिटल कांप्लेक्स हम शहर का ब्रेन भी कहते हैं। 

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माैजूदा समय यह शहर की पहचान और यहां के बेहतरीन संरचना नियोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साल 2016 में इसको यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर के रुप में इसको मान्यता दी गई। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर इस बिल्डिंग के बारे में जानते हैं।

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दक्षिण एशिया में मॉडर्न आर्किटेक्चर की शुरूआत

जानकारों का कहना है कि कैपिटल कांप्लेक्स भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया में मॉडर्न आर्किटेक्चर और अर्बन प्लानिंग की शुरुआत का पहला उदाहरण है। इसके बाद ही देश के अन्य शहर और बाकी दक्षिण एशिया देशों में अर्बन प्लानिग और मॉडर्न आर्किटेक्ट द्वारा बनाई गई बिल्डिंग को देखा। 60 के दशक में हुई यह शुरूआत आज विश्व की धरोहर बन चुका है।

प्रशिक्षित लेबर के बिना तैयार हुई बिल्डिंग

बताया जाता है कि इसके निर्माण के दाैरान प्रशिक्षित लेबर नहीं थे। उसके बाद विश्व स्तर की बिल्डिंग को तैयार किया गया है। यह कला और आर्किटेक्ट का खूबसूरत संगम है। इसका निर्माण बिना किसी आधुनिक तकनीक के बनाया गया जो अपने में अनोखा है। उस दाैरान में लिफ्ट की सुविधा भी नहीं होती थी उसके बाद भी ऊंची- ऊंची इमारतों को तैयार किया गया।

ली कार्बूजिए के बारे में जानते हैं

ली कार्बूजिए का जन्म स्वीटरलैंड में हुआ। लेकिन उसके बाद उनका पालन पोषण और नागरिकता फ्रांस की रही। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ली कार्बूजिए को एक मॉर्डन सिटी डिजाइन करने के लिए बुलाया था। उन्होंने सिटी के साथ ही पंजाब, हरियाणा के ब्रेन के तौर पर कैपिटल कांप्लेक्स को डिजाइन किया। स्वीटजरलैंड सरकार ने ली कार्बूजिए की उपलब्धियों को देखते हुए उनके नाम पर सिक्का जारी किया। फ्रांस सरकार भी कई सम्मान दे चुकी है।
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भाखड़ा डैम की जगह ओपन हैंड को यहां लगाया गया

कैपिटल कांप्लेक्स में लगे ओपन हैंड को पहले भाखड़ा डैम में लगाया जाना था। खुद कार्बूजिए इसको भाखड़ा डैम में लगानाा चाहते है। हालांकि वह हो नहीं पाया और बाद में उसको 1985 में इसको कैपिटल कांप्लेक्स में लगाया गया।

हेरीटेज नहीं है शहर 

चंडीगढ़ में बस एक ही हेरिटेज बिल्डिंग है। लेकिन यहां सरकार ने हेरिटेज कमेटी बना दिया था। उसके बाद सांसद मनीष तिवारी ने संसद में सवाल पूछ दिया कि गया चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी है ? उसमें केंद्र सरकार की तरफ से चंडीगढ़ एक हेरिटेज सिटी नहीं है। जब सिटी ही हेरिटेज नहीं है तो हेरिटेज कमेटी का क्या आधार है।

यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज संपत्ति के सांस्कृतिक मानदंड

- मानवीय रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण हो
- किसी सांस्कृतिक परंपरा या सभ्यता का असाधारण प्रमाण हो
- किसी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक चरण को दर्शाने वाला उत्कृष्ट वास्तुशिल्प, तकनीकी, शहरी नियोजन या परिदृश्य डिजाइन का उदाहरण हो
- किसी जीवित सांस्कृतिक परंपरा, भूमि उपयोग, समुद्री उपयोग या मानव और पर्यावरण के संबंध का उदाहरण हो
- किसी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना, परंपरा, कला या साहित्यिक कार्य से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो।

भारत में दो शहरों को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा

- अहमदाबाद (गुजरात) - 2017 में भारत का पहला वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित
- जयपुर (राजस्थान) - 2019 में इस सूची में शामिल
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