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विश्व हृदय दिवस: बढ़ता तनाव और कम होती खुशियां दिल को कर रहीं कमजोर, इन बातों का रखें ख्याल

Thu, 29 Sep 2022 06:06 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ पीजीआई के हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. राजेश विजयवर्गीय का कहना है कि कोविड संक्रमण के दौरान तनाव के साथ धूम्रपान, शरीर का वजन, इलाज में व्यवधान जैसे कारकों से हृदय संबंधी मर्ज में तेजी से इजाफा हुआ है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता तनाव और कम होती खुशियां हृदय को कमजोर बना रही हैं। 40 साल से अधिक आयु वर्ग का मर्ज माने जाने वाला हृदय रोग अब किशोरों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। छोटे-छोटे बच्चे भी हाइपरटेंशन व मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। स्थिति दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। ऐसे में दिल को मजबूती देने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ योग, ध्यान व अपनों के साथ समय बिताने का प्रयास किया जाना चाहिए। यह कहना है कि पीजीआई के एडवांस कॉर्डियक सेंटर के प्रमुख प्रो. यशपाल शर्मा का।

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प्रो. शर्मा ने बताया कि कोविड के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। पोस्ट कोविड मरीजों में हार्ट संबंधी परेशानियों के लक्षण आम होते जा रहे हैं। जरूरी है कि जो लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, वे अपने हृदय की स्थिति को लेकर गंभीर हो जाएं। समय-समय पर जांच करवाएं। किसी भी तरह की समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करें। दिखावे के लिए अनियमित दिनचर्या और खान-पान से जुड़ी चीजें न अपनाएं।

पीजीआई के हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. राजेश विजयवर्गीय का कहना है कि कोविड संक्रमण के दौरान तनाव के साथ धूम्रपान, शरीर का वजन, इलाज में व्यवधान जैसे कारकों से हृदय संबंधी मर्ज में तेजी से इजाफा हुआ है।

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उच्च रक्तचाप स्थिति को बना रहा गंभीर
हार्ट फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. एचके बाली का कहना है कि चंडीगढ़ में 40 वर्ष से कम उम्र के लोग उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हैं, जबकि हाल के राष्ट्रीय सर्वेक्षण से पता चला है कि 12 प्रतिशत महिलाओं और 7.1 प्रतिशत पुरुषों (15 साल वर्ष से अधिक) में ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक है। ये सभी हृदय रोग के प्रमुख कारणों में गिने जाते हैं। 

डॉ. बाली ने कहा कि एक सुस्त जीवन शैली के कारण भारत में हृदय रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि हृदय रोग अब युवा आबादी में आम होते जा रहे हैं, इसलिए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि भारत जल्द ही कोरोनरी धमनी रोगों की विश्व राजधानी बन सकता है।

हृदय को रखना है मजबूत तो ये करें
  • बच्चों में बढ़ती स्क्रीन गेमिंग की लत को खत्म करने के लिए उन्हें खेलने के लिए बाहर भेजें, उनके साथ खुद भी बाहर जाएं 
  • पुराने मित्रों से मिलने का समय निकालें, यादों को ताजा कर खूब खिलखिलाएं।
  • सब्जी खरीदने समेत अन्य कार्यों में तीन से पांच किमी की दूरी के लिए साइकिल उपयोग करें
  • इमारत पर चढ़ने के लिए लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों पर चढ़कर जाएं 
  • कार्यस्थल पर खुशनुमा माहौल बनाएं, लगातार कार्य के बीच कुछ मिनट टहलें
  • 30 मिनट तक रोजाना तेज गति से चलें, क्षमता के आधार पर रस्सी कूदें
  • पार्क न जा सकें तो छत पर ही योग करें, ध्यान लगाएं
  • फल, सलाद, हरी सब्जी समेत पौष्टिक भोजन लें 
  • फास्ट फूड, धूम्रपान से बचें, रात में जल्दी सोने की आदत डालें
  • मोबाइल, लैपटोप, कंप्यूटर और टीवी पर ज्यादा समय न बिताएं
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इनका रखें ख्याल
  • रक्तचाप: 120/80
  • कोलेस्ट्रोल: 200 एमजी/डीजी से कम
  • बैड कोलेस्ट्रोल: 100 एमजी/डीजी से कम
  • गुड कोलेस्ट्रोल: 50 एमजी/डीजी से कम
  • ग्लूकोज का स्तर खाली पेट: 100 एमजी/डीजी से कम
  • बीएमआई: 25 केजी/एम

ऐसा भोजन लें
दैनिक आहार में सब्जियों (200 ग्राम), फल (200 ग्राम), अनाज और फाइबर (20 ग्राम/डी) का सेवन बढ़ाएं। नमक का सेवन केवल 5 ग्राम होना चाहिए। उच्च संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ लाल मांस, डेयरी उत्पाद, नारियल और ताड़ के तेल, उच्च ट्रांस-फैट सामग्री जैसे डीप-फ्राइड फास्ट फूड, बेकरी उत्पाद, पैकेज्ड स्नैक फूड से बचना चाहिए।

पीजीआई में हृदय के मरीजों की स्थिति

 
  • वर्ष      ओपीडी       भर्ती       ऑपरेशन
  • 2021  7783         507       733
  • 2020   32128       1271    1457
  • 2019   31932       1457     1553
 
किशोरों में बढ़ता हृदयाघात व इससे जुड़ी अन्य बीमारियों का बढ़ना चिंता का विषय है। कोविड-19 से स्थिति और गंभीर हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि समय-समय पर हृदय संबंधी जांच करवाते रहें, तनाव से दूर रहें व हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। -प्रो. यशपाल शर्मा, प्रमुख पीजीआई एडवांस कॉर्डियक सेंटर।
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