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वर्ल्डकप: कृपाणधारी सिखों की 'नो एंट्री'

Wed, 18 Mar 2015 10:43 AM IST
शिवानी मेहता/अमर उजाला, चंडीगढ़
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किरपानधारी सिख क्रिकेट वर्ल्डकप के तहत होने वाले मैच स्टेडियम में नहीं देख सकते। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नियमानुसार, इन सिखों को स्टेडियम में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
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इसी के चलते न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित ईडन पार्क में शनिवार को भारत-जिम्बाब्वे मैच देखने पहुंचे सात सिखों को एंट्री नहीं दी गई। टिकट होने के बावजूद इन सिखों को स्टेडियम में मैच देखने से इसलिए वंचित रखा गया क्योंकि वह धार्मिक चिन्ह किरपान पहने हुए थे।

आईसीसी अधिकारियों के मुताबिक, किरपान एक शस्त्र है और स्टेडियम में शस्त्र ले जाना मना है। उन्होंने कहा कि शनिवार के मैच में सिख क्रिकेट प्रेमियों को किरपान जमा कराने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने इसे खुद से अलग करने से इनकार कर दिया। न्यूजीलैंड हेराल्ड अखबार के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री जॉन की ने अधिकारियों के रवैये पर अफसोस जताते हुए आईसीसी के निर्णय को अनुचित बताया है।
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जॉन ने सिख संगठनों के पदाधिकारियों से मिलकर फैसले की निंदा की लेकिन साथ ही कहा कि ये नियम आईसीसी के हैं और वह इनमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। सुप्रीम सिख काउंसिल के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि आईसीसी के इस फैसले से सिखों में नाराजगी है और वे कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
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न्यूजीलैंड में वैध है किरपान

भारत की तरह न्यूजीलैंड में सिखों का किरपान साथ रखना वैध है। हालांकि यहां सिखों को किरपान लेकर हवाई यात्रा की अनुमति नहीं है।

करमजीत सिंह, प्रवेश से रोके गए दर्शक ने बताया ‌कि पिछले 16 साल से न्यूजीलैंड के अलग-अलग स्टेडियम में क्रिकेट मैच देखता आ रहा हूं लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रवेश करने से रोका गया।

फिलिप क्लार्क, आईसीसी प्रवक्ता के अनुसार वर्ल्ड कप के बाकी मैचों में भी किरपानधारी सिख क्रिकेट प्रेमियों के प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रहेगा। जो टिकट ले चुके हैं, उनका पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।

अवतार सिंह मक्कड़, प्रधान, एसजीपीसी ने बताया कि हम इस नियम की कड़ी निंदा करते हैं। धार्मिक चिन्ह के कारण स्टेडियम में सिखों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना शर्मनाक है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे कि वह मामले को प्रमुखता से उठाए और सिखों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करे।
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