एक रिटायर्ड अधिकारी को राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस का तोहफा मिला। बैंक में एटीएम कार्ड के लिए आवेदन नहीं करने के बावजूद एटीएम कार्ड किसी और को जारी हो गया और उनके खाते से छह हजार रुपये निकल गए। बैंक ने उन्हें छह हजार रुपये लौटा दिया है।
एमडीसी-पांच की जीएच-टू में रहने वाले डा. केएन दत्ता ने करीब 15 दिन पहले चेक बुक के लिए बैंक में आवेदन किया था। डाक के जरिए उन्हें चेक बुक भेज दी गई।
शनिवार को जब बैंक की शाखा में वह अपने बेटे के अकाउंट से कुछ रुपये निकालने गए तो अपना एकाउंट भी अपडेट करवाया।
मिलान करने पर पता चला कि एटीएम के जरिए उनके एकाउंट से छह हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने बैंक प्रबंधन से मामले की लिखित शिकायत दी।
मौके पर मौजूद कुछ कर्मियों ने उनकी तरफ से ही गलती होने की बात कही, लेकिन डा. दत्ता अपनी बात पर कायम रहे। उन्होंने बैंक को लिखित शिकायत देकर इसकी जांच कराने और उनके एकाउंट में उक्त राशि वापस लौटाने को कहा।
अमर उजाला ने जब इस घटना की पड़ताल की तो बैंक अधिकारियों ने सोमवार को छह हजार रुपये दोबारा उपभोक्ता के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
इसमें बैंक की ओर से चूक हुई है। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए डा. दत्ता के एकाउंट में यह राशि वापस कर दी गई है। चेक बुक के साथ-साथ उनका एटीएम कार्ड भी बना दिया गया था। इसी वजह से यह दिक्कत आई।
- एम भंडारी, शाखा प्रबंधक
आप भी रहें सावधान
-नियमित अंतराल पर पासबुक अपडेट कराएं
-अगर एटीएम कार्ड का उपयोग कर रहे हैं तो एसएमएस अलर्ट जरूर देखें
-कोई भी गलती हो तो तुरंत शाखा प्रबंधक को इसकी सूचना दें
-अपने एटीएम कार्ड का पिन किसी से शेयर नहीं करें।