चंडीगढ़। जिला शिक्षा अधिकारी रविंदर कौर ने बुधवार को स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि कंप्यूटर शिक्षकों की अनुपस्थिति में स्कूलों का काम नहीं रुकना चाहिए। बता दें शिक्षा विभाग ने पिछले हफ्ते 10 साल से काम कर रहे कंप्यूटर शिक्षकों को बिना नोटिस ही नौकरी से निकाल दिया था। ये सभी शिक्षक अनुबंध पर रखे गए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रमुखों को कहा है कि कंप्यूटर शिक्षकों के बिना सीबीएसई के काम में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। स्कूल अपने स्तर पर काम करवाने की व्यवस्था करें। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर स्कूल अपने स्तर पर काम नहीं करवा पाता है तो वे घंटे के हिसाब से कंप्यूटर एक्सपर्ट भी नियुक्त कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर निकाले गए 155 कंप्यूटर शिक्षकों ने कैट में याचिका डाल दी है।
मौखिक तौर पर निकाला नौकरी से : विक्रांत
कंप्यूटर कर्मचारी विक्रांत कालिया ने बताया कि स्कूल प्रमुख की तरफ से पिछले हफ्ते उन्हें नौकरी से निकाले जाने की सूचना मौखिक तौर पर दी गई। सभी कंप्यूटर शिक्षकों को लिखित में कोई नोटिस नहीं दिया गया। कर्मचारी ने बताया कि चार महीने पहले इनका ठेकेदार से झगड़ा हुआ था, क्योंकि वह इन्हें काम पर बने रहने के लिए 12 से 15 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसके बाद शिक्षकों ने ठेकेदार की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के साथ साथ गवर्नर को दी थी। इस मामले में वर्ष 2016 में कैट भी निर्णय दे चुकी है कि यदि कोई ठेकेदार इस तरह से कर्मचारियों से पैसे मांगता है तो उसे ब्लैक लिस्ट कर हटाया जा सकता है। कर्मचारी ने बताया कि उन्हें पिछले चार महीने का वेतन भी नहीं दिया गया था।
जेम पोर्टल के जरिए हर साल बदलता है ठेका
शिक्षा विभाग में ठेके पर रखे कर्मचारियों के लिए ठेकेदार नियुक्त किया जाता है। यह ठेकेदार हर साल बदला जाता है। हर वर्ष जेम पोर्टल पर ठेकेदार बदलने की प्रक्रिया होती है, जिसमें सबसे कम बोली वाले ठेकेदार को नियुक्त किया जाता है। इस वर्ष नया ठेका जून में किया गया था।