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Chandigarh News: छह माह से हरमिलाप नगर अंडरपास का अटका है काम, रेलवे को बॉक्स डिजाइन की मंजूरी का इंतजार

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जीरकपुर। हरमिलाप नगर में लंबे समय से प्रस्तावित रेलवे अंडरपास (आरयूबी-123) का निर्माण कार्य थ्रस्ट बेड और बॉक्स डिजाइन की मंजूरी के बिना रुका हुआ है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने हिस्से की शेष राशि करीब छह महीने पहले रेलवे विभाग को हस्तांतरित कर दी थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे हजारों लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने पहले रेलवे विभाग को दो करोड़ रुपये जारी किए थे।
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बाद में एक पैनल बैठक में मुख्य सचिव ने अन्य बजट मदों के साथ इस परियोजना के लिए करीब 4.40 करोड़ रुपये मंजूर किए। यह राशि अगले ही दिन रेलवे को हस्तांतरित कर दी गई। डीआरएम कार्यालय और चंडीगढ़ इंजीनियरिंग विभाग ने भी इस भुगतान की पुष्टि की है। फंड मिलने के बाद रेलवे ने साइट पर जेसीबी से साफ-सफाई शुरू करवाई थी। चंडीगढ़ की तरफ कामगारों के रहने के लिए कंटेनर भी पहुंचाए गए। निर्माण सामग्री के रूप में गटका भी साइट पर लाया गया था। इससे स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी थी कि अंडरपास का निर्माण जल्द शुरू होगा, लेकिन छह महीने बाद भी धरातल पर काम आगे नहीं बढ़ा।
स्थानीय लोगों की परेशानी उनकी जुबानी
स्थानीय लोगों प्रकाश चंद कटोच, विजय गुप्ता, राजू व्यास, गौरव गोयल और अंकित गर्ग का कहना है कि रेलवे फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खुलने में देरी से जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने रेलवे विभाग से निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है। लोगों ने निर्धारित समय में परियोजना पूरी करने पर जोर दिया है। यह समस्या रोजाना हजारों यात्रियों को प्रभावित करती है।
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संघर्ष के बाद मिली थी मंजूरी
पार्षद गुरबिंदर सिंह संधू ने कहा कि ‘रेलवे फाटक हटाओ, अंडरपास बनाओ संघर्ष कमेटी आरयूबी-123’ के गठन के बाद परियोजना को मंजूरी मिली थी। उन्होंने बताया कि रायपुर कलां-हरमिलाप नगर रेलवे लाइन पर अंडरपास बनाने के लिए संघर्ष किया गया था। राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू के हस्तक्षेप से परियोजना को मंजूरी मिली थी। संधू ने कहा कि करीब छह महीने से निर्माण रुका हुआ है। उन्होंने लोगों की समस्या को देखते हुए रेलवे से जल्द काम शुरू करने का आग्रह किया है।


मंजूरी मिलते ही युद्धस्तर पर शुरू होगा काम
उत्तर रेलवे चंडीगढ़ के सीनियर डिविजनल इंजीनियर नवीन कुमार का कहना है कि परियोजना की सभी मोबिलाइजेशन संबंधी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अब मुख्यालय कार्यालय से थ्रस्ट बेड और बॉक्स डिजाइन की मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। लक्ष्य है कि अंडरपास का निर्माण करीब पांच महीने में पूरा कर लिया जाए। इसे फरवरी-मार्च 2027 तक तैयार करने की योजना है।
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