चंडीगढ़। सेक्टर-24 के अणुव्रत भवन तुलसी सभागार के बाहर की जमीन पर अभय मुनि का समाधि बनाने का कार्य शुरू हो गया। तप, त्याग की मूर्त रूप मुनि अभय जी 14 अक्तूबर को देवलोक गमन कर गए थे। उनकी समाधि बन रही है। समाधि बनने के मौके पर इस मौके पर तीन संत मुनि सुधाकर, मुनि नरेश और मुनि अतुल कुमार साथ थे।
मनीषी संत मुनिश्री विनय कुमार आलोक ने कहा कि अभय मुनि का करीब 70 वर्षों का साथ रहा। जब तक मेरी सांस है तब तक अभय मुनि हर समय मुझे याद रहेगें। अभय मुनि तप, त्याग की मूर्त रूप थे। उन्होंने अपना जीवन पूर्ण समर्पित, तप और त्याग से जीया।
मुनि सुधाकर ने कहा मुनिश्री अभय कुमार का व्यक्तित्व अत्यंत शांत, गंभीर और सौम्य था। उन्होंने अपने जीवन काल में मंत्रों की भी खूब साधना की।