पंजाब यूनिवर्सिटी में 53 दिन बाद कामकाज शुरू होने जा रहा है। छात्रों को पढ़ाने का काम फिलहाल नहीं होगा। बाकी सभी रूटीन के कार्य निपटाए जाएंगे। शिक्षक पहले की तरह अपने विभागों में जाकर जरूरी कार्य करेंगे। साथ ही 33 फीसदी कर्मचारियों को एक बार में कार्य करने की अनुमति होगी। इसके लिए शिफ्ट तैयार की जाएंगी ताकि हरेक कर्मचारी को काम करने का मौका मिल सके। पीयू के खुलने व बंद होने का समय सुबह साढ़े दस बजे से शाम साढ़े चार बजे तक का होगा। पूरी तरह निगरानी तंत्र काम करेगा। हर व्यक्ति की थर्मल स्कैनिंग होगी।
पीयू प्रशासन की मंगलवार को मैराथन बैठक चली। इसमें तमाम निर्णय हुए। लॉकडाउन के कारण आगे पीयू का काम प्रभावित न हो इसके लिए तैयारियां की गईं। इस बैठक में डीयूआई प्रो. आरके सिंगला, रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह, डीसीडीसी प्रो. संजय कौशिक, एफडीओ विक्रम नैयर आदि रहे। इस दौरान प्रो. शंकरजी झा के निधन पर शोक जताया गया। उसके बाद बैठक की कार्रवाई शुरू हुई। सभी ने सर्वसम्मति से पास किया कि 13 मई से पीयू में कामकाज शुरू हो जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन की तर्ज पर सभी कार्य होंगे।
33 फीसदी स्टाफ एक साथ काम करेगा, लेकिन उनके कार्यालय में बैठने की दूरी भी तय होगी। फिजिकल डिस्टेंस बहुत जरूरी है। इसके अलावा वह रोटेशन में काम करेंगे। हर विभाग को सैनिटाइज करवाया जाएगा। साथ ही शिक्षण वाले विभागों को चेयरमैन पहले पूरी साफ सफाई की पूरी व्यवस्था करवाएंगे। शौचालयों की सफाई दिन में चार बार होगी। इसके अलावा हर गेट पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। समूह में कोई भी शिक्षक व कर्मचारी नहीं खड़े होंगे।