चंडीगढ़। सेक्टर- 35 के प्राचीन कला केंद्र के एमएल कौसर सभागार में शनिवार को मासिक बैठक का आयोजन हुआ। इसमें पंजाब घराने के जानेमाने पखावज वादक हरभजन सिंह धारीवाल ने शानदार प्रस्तुति दी।
हरभजन सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत पंजाब घराने की चौताल 12 मात्रा पर आधारित पारंपरिक पेशकारी से की। इसके बाद उन्होंने तीन ताल पर आधारित सलामी गत, फर्शबंदी और गत कायदे पेश किए। इसके बाद उन्होंने रेले पर आधारित पारंपरिक रचनाएं पेश कीं।
इसके बाद तकनीकी भाग में गत, चक्रदार और फरमाइशी चक्रदार तथा छंद इत्यादि पेश करके तालियां बटोरी। आखिर में पंजाबी घराने की पारंपरिक बंदिशों के साथ पखावज वादन का समापन किया। शहर के हारमोनियम वादक राकेश कुमार ने संगत की।
इस मौके पर केंद्र के सचिव सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया। प्रो. हरभजन सिंह धारीवाल पंजाब घराने के लाहौर बाज के अग्रणी और एकमात्र प्रमुख पखावजी हैं। इसके अलावा वे नाद संगीत संस्थान यूएसए के तहत एक वरिष्ठ शोध फेलो हैं।
उन्होंने चंडीगढ़ में कलाकार के रूप में पंजाब के सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सेवा की है। इसके अलावा बीएनजी कॉलेज और बीवीएस गुरमत कॉलेज अमृतसर में तबला में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है। उन्होंने देश और विदेश में अपनी प्रस्तुति दी है। कई संगीत संस्थानों द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया है।