चंडीगढ़। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शनिवार को वीकेंड लॉकडाउन का पहला दिन रहा। इस दौरान कुछ लोगों ने लॉकडाउन का पालन किया तो कुछ सड़कों पर घूमते नजर आए। हालांकि महिलाओं ने लॉकडाउन पर सहमति जताई है। कुछ महिलाओं ने घर पर बैठकर ही ऑनलाइन पूजा की। कुछ वरिष्ठ महिलाएं अपनी छोटी-छोटी पार्टियां नहीं कर पाईं। अमर उजाला से बातचीत में शहर की महिलाओं ने अपने पहले दिन के अनुभव साझा किए।
क्या कहती हैं महिलाएं
ऑनलाइन किया सुंदरकांड का पाठ
लॉकडाउन के कारण बाहर निकल नहीं सकते थे, इसलिए अपनी सहेलियों के साथ ऑनलाइन सुंदरकांड का पाठ किया। सभी ने भगवान से कोरोना से जंग जीतने की प्रार्थना की, ताकि सभी सहेलियां मिलकर सामाजिक कार्य कर सकें। यह महिला लंगर सेवा देती हैं। लॉकडाउन में भी इन्होंने रोजाना ढाई सौ लोगों का खाना बनाया था। -रंजना अग्रवाल, सेक्टर-32ए
पूरे परिवार ने घर पर रहकर लॉकडाउन का पालन किया है। व्यस्त जिंदगी के चलते सभी को एक साथ बैठने का मौका मिला। कई महिलाओं के साथ जाकर कोरोना वैक्सीन लगवाई। साथ ही लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित भी किया ताकि लोगों के दिलों में बैठे डर को बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा सोशल मीडिया से भी लोगों को जागरूक किया। -प्रीति, सेक्टर-35
एक साथ बैठकर खाना खाने का मिला मौका
लोगों की सुरक्षा के लिए लॉकडाउन लगाने का फैसला जायज है। हम हाउसवाइफ की जिंदगी पर इतना फर्क है कि हम अपनी सहेलियों के साथ पार्टी नहीं कर सकतीं। शनिवार को हमने व्हाट्सएप ग्रुप में ही बातचीत कर एक-दूसरे का हाल पूछा। इसके अलावा पूरे परिवार को एक साथ बैठकर खाना खाने का मौका भी मिला। -इंदु वर्मा, सेक्टर-32डी