महिला आईएएस द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी ने सफाई देते हुए अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि महिला अफसर ने जो आरोप लगाए हैं, वे निराधार हैं। वे एक महिला पहले ही आई थीं। अपने स्टाफ को ट्रनिंग देना मेरी ड्यूटी है।
मुझे पता चला था कि उन्हें कुछ समस्या आ रही है तो मैंने स्टाफ से उनका ध्यान रखने को कहा था, लेकिन महिला अफसर ने स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया। ये उनके ऊपर है कि वे काम सीखना चाहती हैं या नहीं। अगर उन्हें समस्या हो रही है तो बताएं, सरकार उन्हें ट्रांसफर कर सकती है। मैं जांच के लिए तैयार हूं, लाई डिटेक्शन टेस्ट के लिए भी तैयार हूं। मामला क्लीयर होना चाहिए।
महिला अधिकारी किसी तनाव में आकर इस तरह के आरोप लगा रही है। वह न तो किसी मीटिंग में आती हैं, न ही कोई फाइल क्लीयर करती हैं। आपत्ति लगाकर वित्त व एलआर को फाइलें भेज देती हैं। ऐसे तो विभाग नहीं चल पाएगा। वह काम ही नहीं करना चाहती।
महिला आईएएस अधिकारी ने कहा है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी के कार्यालय के कमरे के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की जांच होनी चाहिए। उन्हें उपयुक्त सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के विरुद्घ नियमानुसार कार्रवाई हो। उन्हें अत्याचार एवं शोषण को चुपचाप सहते रहने के लिए लगातार मजबूर किया जा रहा है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान, मांगा जाएगा जवाब
महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने बताया कि, महिला आईएएस अधिकारी की तरफ से उन्हें लिखित में शिकायत नहीं दी गई है। सोशल मीडिया व मीडिया के माध्यम से मामले का पता चला है। आयोग ने स्वयं मामले का संज्ञान लेने का फैसला किया है। महिला अधिकारी से शिकायत लेकर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा।
हरियाणा कैडर की वर्ष 2014 बैच की महिला आईएएस अधिकारी ने रविवार को अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। उन्होंने अपने विभाग के सीनियर अधिकारी सुनील गुलाटी पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। उन्होेंने कहा कि गुलाटी लंबे समय तक बिना कार्य के अपने कमरे में बुलाकर बैठाए रखते हैं।
अमर्यादित एवं अनैतिक व्यवहार करते हैं, साथ ही वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब करने की धमकी देते हैं। अंबाला से मेरे साथ छेड़खानी चल रही है। नवीनतम घटना 6 जून की है, जब सीनियर अधिकारी ने मेरी कुर्सी पर धक्का मारा और मुझे अपनी तरफ बुलाया। इसके दो ही दिन बीते थे कि मुझे आदेश मिल गया कि आपको रोहतक जाना है, वो भी रात में अकेले ही सफर करना है।
इस घटना के बाद काफी घबरा गई थी, इसलिए बेहतर समझा कि पहले सारी घटना को सार्वजनिक कर दूं और फिर मामले में कानूनी कार्रवाई भी करूं। मैंने सारी पुरानी घटनाओं के बारे में सीनियर अधिकारियों से लेकर सीएम तक से शिकायतें की हैं, लेकिन कभी कोई जवाब नहीं मिलता। अब मेरे व मेरे परिवार की जान को खतरा है।