सेक्टर 35 निवासी ओम प्रकाश गर्ग ने जीएमसीएच 32 के डाक्टरों पर अपनी पत्नी सुनीता रानी के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
उनकी पत्नी जीएमसीएच 32 में एडमिट थी, बाद में उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वीरवार को सुनीता रानी ने दम तोड़ दिया।
गर्ग के मुताबिक उसकी पत्नी के गॉल ब्लेडर में स्टोन था। 19 फरवरी को उसकी पत्नी को जीएमसीएच 32 में एडमिट कराया गया।
20 फरवरी को ओपेन सर्जरी से आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद हालत दिन पर दिन खराब होती रही। बताया गया कि आपरेशन के दौरान गॉल ब्लेडर व पेनक्रियास को जोड़ने वाली कॉमन नस कट गई थी, जिसे एंडोस्कोपी कर स्टंट डाला गया।
उसके बाद इंफेक्शन शुरू हो गया और पेनक्रियाटिस हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार व रविवार को छुट्टी होने के कारण सुनीता की डायलिसिस नहीं ली की गई, इससे उनकी हालत और खराब हो गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सुनीता की हालत खराब हो रही थी, तब सुनीता को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कही गई, लेकिन हास्पिटल तैयार नहीं हुआ।
साथ ही गंभीर हो रही हालत को परिजनों से छुपाया गया। फोर्टिस के मुताबिक उसकी मौत शरीर के मुख्य आर्गन फेल होने के कारण हुई बताया गया है।
इस बारे में जब जीएमसीएच 32 हास्पिटल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट राम सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इलाज में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है।
मरीज की मौत से अस्पताल भी दुखी है। कई बार स्टोन चिपके रह जाते हैं, इसलिए एंडोस्कोपी की जाती है। एंडोस्कोपी के बाद पेनक्रियाटिस होने के चांस बढ़ते हैं।