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Chandigarh News: त्योहार में महिलाओं को घर जाने में हो रही परेशानी

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चंडीगढ़। त्योहार पर महिलाओं के लिए सफर मुश्किलों भरा बन गया है। दिवाली के लिए जब वह घर जाने के लिए बस अड्डों या सड़कों पर पहुंचती हैं तो भीड़ के कारण उन्हें बस में चढ़ने और सीट पाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। महिलाओं का कहना है कि बसें अक्सर खचाखच भरी होती हैं जिससे न सिर्फ सफर असुविधाजनक हो जाता है बल्कि सुरक्षा की चिंता भी बढ़ जाती है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सीट नहीं मिल पाती। हालांकि बसों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं लेकिन इस नियम का पालन शायद ही कभी होता है। कई बार पुरुष यात्री इन सीटों पर बैठ जाते हैं और विरोध करने पर बहस की स्थिति बन जाती है।
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भीड़ में असुरक्षित महसूस करती हैं महिलाएं
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं लेकिन बसों में इस नियम का पालन कभी नहीं होता है। कई बार विरोध करने पर झगड़े की नौबत आ जाती है। भीड़ में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। कई बार छेड़छाड़ की घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इन दिनों महिलाओं के लिए स्पेशल बसें चलाई जानी चाहिए।
मुस्कान, एमपी पीयू छात्रा

आरक्षित सीटों पर नियमों का सख्ती से हो पालन
त्योहारों के दौरान अतिरिक्त बसें चलाई जानी चाहिए ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। वह बच्चे गोद में लेकर खड़ी रहती हैं। आरक्षित सीटों पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके और वह बिना डर या असुविधा के अपने घर पहुंच सकें।
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-राजेश कुमारी, सेक्टर 22 निवासी

बसों में महिलाओं की सुरक्षा का हो इंतजाम
सरकार को पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत है। सरकार ट्रांसपोर्ट का निजीकरण करने के बजाय जनता को सुविधा दे। केवल त्योहार के ही दिनों में ही नहीं बल्कि आम दिनों में भी महिलाएं बसों की समस्या को झेल रही हैं। बसों में महिलाओं की सुरक्षा का इंतजाम भी होना चाहिए।
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-सारा, पीयू छात्रा
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