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अमर उजाला पड़ताल: 13 मई को खेल विभाग ने भेजा नाम, आरोप- इसी दिन मंत्री ने महिला कोच को भेजी गोपनीय रिपोर्ट

Tue, 03 Jan 2023 12:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

महिला कोच ने राष्ट्रीय खेलों में दौड़ में कांस्य पदक जीता था। सरकार की ओएसपी नीति के तहत उसने खेल विभाग में 20 दिसंबर 2021 को जूनियर कोच पद के लिए आवेदन किया। 23 दिसंबर को एथलेटिक्स फेडरेशन ने महिला खिलाड़ी के बारे में वेरिफिकेशन की। इसके बाद खेल विभाग ने चार जनवरी 2022 को एक कमेटी का गठन किया। 
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महिला कोच व संदीप सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत देने वाली महिला कोच को खेल विभाग में जूनियर कोच की नौकरी आवेदन करने के नौ महीने बाद मिली है। अमर उजाला ने इस चयन प्रक्रिया की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि 13 मई 2022 को खेल विभाग ने महिला कोच समेत चार खिलाड़ियों को जूनियर कोच बनाने पर मुहर लगाई थी। उल्लेखनीय है कि महिला कोच ने दो दिन पहले आरोप लगाया था कि मंत्री ने 13 मई को विभाग की गोपनीय रिपोर्ट चैट के माध्यम से भेजकर उसका चयन होने की जानकारी दी थी।

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महिला कोच ने राष्ट्रीय खेलों में दौड़ में कांस्य पदक जीता था। सरकार की ओएसपी नीति के तहत उसने खेल विभाग में 20 दिसंबर 2021 को जूनियर कोच पद के लिए आवेदन किया। 23 दिसंबर को एथलेटिक्स फेडरेशन ने महिला खिलाड़ी के बारे में वेरिफिकेशन की। इसके बाद खेल विभाग ने चार जनवरी 2022 को एक कमेटी का गठन किया। 

कमेटी के मांगने पर महिला ने 25 जनवरी को फेडरेशन का सर्टिफिकेट जमा कराया। 13 मई को खेल विभाग ने महिला कोच के साथ तीन अन्य खिलाड़ियों को जूनियर कोच बनाने का प्रस्ताव बनाकर विभाग की प्रशासनिक शाखा को भेजा। यहां से फाइल मुख्य सचिव के पास भेजी गई। मुख्य सचिव कार्यालय ने 28 अगस्त को आठ जूनियर कोच के चयन पर मुहर लगा दी। इनमें महिला कोच समेत चार नए और पहले से लंबित चार नाम शामिल थे। दो सितंबर को महिला को नियुक्ति पत्र भेजा गया और 29 सितंबर 2022 को उसने विभाग ज्वाइन कर लिया।
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फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सामने नहीं आई महिला कोच
महिला कोच को हरियाणा सरकार की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पर भरोसा नहीं है। मंत्री की शिकायत के बाद डीजीपी ने एडीजीपी ममता सिंह के नेतृत्व में डीसीपी पंचकूला सुमेर प्रताप सिंह और एसीपी राजकुमार कौशिक की कमेटी बनाई है। बताया जाता है कि एडीजीपी ममता सिंह सोमवार को पंचकूला पहुंची थीं। कमेटी की ओर से महिला कोच को संदेश भेजा गया था कि वह कमेटी के सामने आकर अपनी बात रख सकती हैं, लेकिन वह कमेटी के पास नहीं गई। महिला कोच का कहना है कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के पास जाने का सवाल नहीं है, यह मामला चंडीगढ़ पुलिस का है और एसआईटी मामले की जांच कर रही है।

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