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पंजाब विधानसभा चुनाव: पति की साख के लिए मैदान में उतरीं पत्नियां, पापा के लिए झंडा उठा रहे छोटे मियां

Sun, 06 Feb 2022 10:38 AM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

जालंधर वेस्ट, जालंधर नार्थ, आदमपुर से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की साख बचाने के लिए अब उनकी पत्नियों ने मोर्चा संभाल लिया है। कई स्थानों पर प्रचार के लिए बच्चे भी मैदान में आ गए हैं। लिहाजा पंजाब के चुनावों की रौनक भी दिलचस्प हो चुकी है और मुकाबला भी दमदार।  
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पंजाब में प्रचार में जुटीं सुनीता रिंकू, आस्था भंडारी और सीरत हैनरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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पंजाब में मतदान तिथि जैसे जैसे निकट आ रही है वैसे वैसे प्रचार में गर्मी आ गई है। जालंधर वेस्ट, जालंधर नार्थ, आदमपुर से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की साख बचाने के लिए अब उनकी पत्नियों ने मोर्चा संभाल लिया है। कई स्थानों पर प्रचार के लिए बच्चे भी मैदान में आ गए हैं। लिहाजा पंजाब के चुनावों की रौनक भी दिलचस्प हो चुकी है और मुकाबला भी दमदार।  

बेटा दादी के पास, खुद पति के लिए मैदान में सुनीता रिंकू...

कॉलेज के लेक्चरर की नौकरी छोड़कर सुनीता रिंकू जालंधर वेस्ट से अपने पति सुशील रिंकू का साथ देने के लिए प्रचार में कूद पड़ी हैं। सुनीता रिंकू अपने मासूम बेटे प्रथमवीर को घर में दादी के पास छोड़कर खुद मैदान में उतर गई हैं। वे खुद भी पार्षद हैं। वह सुबह आठ बजे घर से निकल जाती हैं। बीच बीच में फोन पर अपनी सास से बात करके बेटे प्रथमवीर का हाल चाल पूछती रहती हैं। डोर टू डोर प्रचार में सारा दिन पैदल चलने से थक जाती हैं। शाम को मीटिंग का दौर शुरू हो जाता है। सुनीता का कहना है कि पिछले चुनावों में भी उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर पति का साथ दिया, इस बार भी वह मैदान में हैं।

सीरत हैनरी सारा दिन चलती है पैदल

सीरत हैनरी पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री अवतार हेनरी की बहू और मौजूदा विधायक बावा हेनरी की पत्नी हैं। वह जालंधर नार्थ से चुनाव लड़ रहे अपने पति बावा हेनरी का साथ देने उतरी हैं। उन्होंने बावा हेनरी को विधायक बनाने के लिए सारा कामकाज छोड़ दिया है। अब वह सवेरे सवेरे मैदान में आ जाती हैं। महिलाओं से मीटिंग कर डोर टू डोर प्रचार करने के लिए निकल जाती हैं। सीरत का कहना है कि पति ने पांच साल घर की तरफ कम इलाके की तरफ ज्यादा ध्यान दिया है। वह इलाके को अपना परिवार मानते हैं तो मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं पति के साथ कंधे से कंधा मिलकर उनका इलाके में साथ दूं।

पापा को जिताने के लिए भाई-बहन ठंड में गांव गांव मांग रहे वोट..

आदमपुर से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुखविंदर कोटली की बेटी और दोनों बेटे अपने पापा को जिताने के लिए ताकत झोंक रहे हैं। भाई बहन ने किताबों से दूरी बना ली है। मिशन एक ही लेकर चल रहे हैं कि पापा को जीत दिलाना है। कोटली की बेटी सुनीता ने अंग्रेजी में मास्टर डिग्री की है। इन दिनों वह एक निजी स्कूल में पढ़ाती है। इसके साथ आगे की स्टडी कर रही है। दोनों बेटे लक्की और वरिंदर सिंह खालसा कॉलेज जालंधर में पढ़ते हैं। तीनों पिता के लिए आदमपुर के गांव गांव जाकर वोट मांग रहे हैं। उनके पिता सुखविंदर कोटली ने हाल में कांग्रेस ज्वाइन करके पार्टी की टिकट हासिल की है। उनका वहां से दो बार विधायक रह चुके पवन टीनू के साथ मुकाबला है। बेटी सुनीता का कहना है कि हमारा फर्ज है पिता के लिए पूरी ताकत लगाना। वह खाना पीना से लेकर सब कुछ भूल गई हैं। उनकी दिनचर्या पूरी तरह से बदली हुई हैं। दिन भर गांवों में जाकर लोगों से पिता के लिए वोट मांगती हैं। गर्व महसूस होता है जब बुजुर्ग महिलाएं कहती है कि तेरे पिता काफी शरीफ हैं और उनके संघर्ष से इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

पिता के लिए आस्था भंडारी मैदान में..

दो बार विधायक रह चुके केडी भंडारी की बेटी आस्था भंडारी जालंधर नार्थ से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अपने पिता के लिए गलियों में नुक्कड़ मीटिंग करके वोट मांग रही है। आस्था भंडारी दिल्ली यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र में स्नातक हैं। इन दिनों गुड़गांव की एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं। इन दिनों वर्क फ्रॉम होम चल रहा है, जिसका पूरा फायदा आस्था उठा रही हैं। आस्था रोजाना फुर्सत के वक्त निकल जाती हैं। वह पिता के लिए वोट मांगती हैं। पिता दस साल इलाके के विधायक रह चुके हैं। उनके द्वारा किए गए कार्य को गली गली गिनाती है। आस्था का कहना है कि पिता के लिए वोट मांगने में गर्व महसूस होता है। आस्था का भाई संदीप भंडारी व मां नीना भंडारी भी प्रचार प्रसार में जुटे हैं।  

चार बार बनीं पार्षद, अब पति के लिए मांग रहीं वोट

चुनावी रण में भाजपा महिला मोर्चा भी उतर आया है। राजपुरा में मोर्चे की पदाधिकारी गीता सेतिया व आशा सहजड़ा ने अभियान की शुरुआत की। मिर्च मंडी में घर-घर जाकर चार बार पार्षद रहीं रंजना वर्मा ने पति जगदीश जग्गा के लिए वोट मांगे। जग्गा भाजपा के टिकट पर राजपुरा हलके से चुनाव लड़ रहे हैं।  रंजना वर्मा दो बार अकाली दल और दो बार आजाद चुनाव लड़कर पार्षद बनी हैं। हाल वह भाजपा में शामिल हुई हैं। इसके अलावा जगदीश जग्गा ने पिछला चुनाव आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था।

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