पीएसयू ललकार छात्र संगठन की तरफ से अनुच्छेद 370 और 35ए पर की जाने वाली ओपन डिस्कशन पर पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रोक लगा दी। इसके बाद जब स्टूडेंट्स ने इस मामले पर प्रेस वार्ता बुलाई तो भी पीयू प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। पीयू के इस फैसले को लेकर स्टूडेंट्स ने रोष जाहिर किया।
पीएसयू ललकार छात्र संगठन ने अनुच्छेद 370 और 35ए पर ओपन डिस्कशन का कार्यक्रम रखा था। सूचना मिलने पर एरिया थाना सेक्टर-11 की तरफ से स्टूडेंट्स को इस प्रकार की एक्टीविटी करने पर रोक लगा दी गई। पंजाब यूनिवर्सिटी ने इस मामले पर कहा कि बिना परमिशन अनुच्छेद 370 और 35ए पर कोई डिस्कशन नहीं होगी।
जानकारी देते हुए पीएसयू ललकार के स्टूडेंट्स अमन ने बताया कि जब पूरा देश अनुच्छेद 370 पर बात कर रहा है तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन उस पर चर्चा करने के लिए रोक लगा रही है। अमन ने कहा कि स्टूडेंट्स यदि देश के गंभीर मुद्दों पर बात नहीं करेंगे तो कौन इस पर प्रतिक्रिया देगा।
अमन ने बताया कि पीयू प्रशासन का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी मुद्दे को पीयू में छेड़ा नहीं जाएगा, लेकिन अनुच्छेद 370 और 35ए में कोई भी धार्मिक भावना नहीं है।
अब 19 अगस्त को होगी ओपन डिस्कशन
प्रैस वार्ता पर रोक लगने के बाद स्टूडेंट्स ने डीएसडब्ल्यू और पुलिस प्रशासन से बात की और बताया कि अनुच्छेद 370 में किसी प्रकार की धार्मिक भावना को नहीं छेड़ा जाएगा। इसे लेकर एक बैठक भी की गई। इसके बाद 19 अगस्त को इस प्रोग्राम को करने की परमिशन दी गई है। अमन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में रोक लगाने का खामियाजा यूनिवर्सिटी को भारी पड़ेगा।