चंडीगढ़। नक्सली भर्ती मामले के तार चंडीगढ़ से सटे मोहाली के नयागांव इलाके से जुड़ गए हैं। बीते 30 अगस्त को हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में एनआईए ने कई जगह छापे मारे थे। एनआईए की एक अन्य टीम ने हरियाणा के सोनीपत से अजय नामक शख्स को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह मूलरूप से नयागांव का रहने वाला है और लंबे समय से प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) को पुनर्जीवित करने के लिए नक्सलियों के संपर्क में था। साथ ही वह फंडिंग का काम भी देखता था।
एनआईए ने अजय सिंघल को अदालत में पेश कर उसे 12 दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ के साथ जांच टीम उसे लेकर उन जगहों पर दबिश दे रही है, जहां वह नक्सली नेताओं से फंडिंग व भर्ती के मामले में मिलता था। दरअसल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सितंबर, 2023 में उत्तर प्रदेश में आरसी-01/2023/एनआईए-लखनऊ थाने में यूएपीए सहित कई अन्य अपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। यह एफआईआर सीपीआई (माओवादी) से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी, जिनके ठिकाने यूपी के प्रयागराज, देवरिया, आजमगढ़, चंदौली व वाराणसी में थे।
एनआईए को पता चला था कि कई अग्रणी संगठनों और छात्र शाखाओं को केंद्र सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के उद्देश्य से नक्सली विचारधारा का प्रचार करने के साथ-साथ कैडरों को प्रेरित करने और भर्ती करने का काम सौंपा गया था। बाकायदा इसकी रिपोर्ट बाद में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी को सौंपी जाती थी। इस मामले में एनआईए की टीम लगातार यूपी सहित अन्य कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही है।
जांच के दौरान नयागांव निवासी अजय सिंघल उर्फ अमन नाम भी सामने आया। बाकायदा उसकी कॉल लोकेशन, सीडीआर के जरिए उसका सपंर्क नक्सलियों के साथ मिला। इसके बाद एक सप्ताह पहले ही एनआई की टीम ने 30 अगस्त को नयागांव में अजय सिंघल के घर पर तड़के में चार बजे छापा मारा जबकि एनआईए की एक अन्य टीम ने अजय को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया। तब से वह एनआईए के रिमांड पर है और परिजनों को भी उससे मिलने नहीं दिया जा रहा।
घर से फोन, लैपटाॅप समेत कई चीजें बरामद
एनआईए ने इस मामले में पहले प्रमोद मिश्रा नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार कर चुकी है जो कि इस प्रतिबंधित संगठन को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में सीपीआई (माओवादी) के कैडरों, समर्थकों और ओजीडब्ल्यू का नेतृत्व करता था। वहीं, जांच टीम ने अजय सिंघल के घर से मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, कॉम्पैक्ट डिस्क और मेमोरी कार्ड सहित कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं और इनकी जांच चल रही है। जांच में सामने आया कि अजय पिछले कुछ महीनों में फंडिंग को लेकर उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार के अलावा अन्य कई जगह गया था और नक्सली नेताओं के साथ मीटिंग करता था।