चंडीगढ़ में एक हजार से कम आबादी के पंचायतों में शराब के ठेके खोलने से पूर्व इसके लिए पंचायत की सहमति जरूरी होगी। हरियाणा में बनी नई आबकारी नीति-2016 में इन जगहों के लिए पंचायत से एनओसी का प्रावधान तय किया गया है।
ग्रामीण इलाकों में आबादी की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए उनकी मंजूरी को अनिवार्य कर दिया गया है। हाल ही में घोषित आबकारी नीति के बारे में विभाग के आला अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। प्रदेश में पिछले वर्ष 3489 देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें अलॉट की गई थीं।
इस बार भी संख्या में बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन नए ठेकों का संचालन शुरू करने के लिए प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। दो हजार से कम आबादी के गांवों में सब वेंड्स खोलने के लिए लाइसेंस फीस के तौर पर 50 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।