इलेक्शन सेल और पुलिस की सख्ती के चलते राजनीतिक दलों के नेताओं में आज कल खलबली है। पुलिस ने केवल मार्च माह में अब तक 100 से ज्यादा मामले एक्साइज एक्ट के तहत दर्ज किए है।
इसके चलते नेताओं ने अपने गेम प्लान में परिवर्तन किया है। प्लान के तहत नेता अब सीधे तौर पर शराब का स्टॉक नहीं रख रहे, लेकिन चाय, कॉफी और जूस के नाम के कूपन मतदाताओं को दे रहे हैं। इन कूपनों से वोटर ठेकों से शराब ले सकेंगे।
पुलिस की सख्ती के चलते नेता सीधे तौर पर शराब का स्टाक रखने को तैयार नहीं है। ऐसे में नेताओं ने चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए नई योजना तैयार की है। अब नेताओं ने शराब ठेकेदारों से सीधे डीलिंग की है। इसके तहत नेता मतदाताओं को चाय कॉफी और जूस के कूपन देंगे। यह कूपन मतदाता खुद लेकर शराब के ठेके पर जाएगा। वहां उसे निशुल्क शराब मिलेगी।
सूत्रों की माने तो एक राजनीतिक दल यह रणनीति बना रहा है कि एक साथ स्टॉक मंगवाने की जरूरत नहीं है। जबकि, एरिया में काम कर रहे नेता को ही शराब बांटने की जिम्मेदारी दी जाएगी। जो खुद अपने पैसे से शराब बांटेगा, जिसे बाद में पूरी राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दलों ने 28 मार्च से शहर में शराब वितरण करने का काम शुरू करने की योजना बनाई है।
दूसरे राज्यों से आ रही शराब पर नजर
पुलिस विभाग ने इस साल केवल मार्च माह में अब तक 100 से ज्यादा एक्साइज एक्ट के तहत मामले दर्ज किए है। जिनसे भारी मात्रा में शराब बरामद की गई है। अब ट्रैफिक पुलिस को भी नाकों पर गाड़ियों को चेक करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्राइम ब्रांच और आपरेशन सेल अलग से शहर में तैनात है। जो दूसरे राज्यों से आ रही शराब पर भी नजर रखे हुए है। इसके साथ ही अफीम, चरस और अन्य नशीला पदार्थ रखने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। इन पदार्थों का भी चुनाव में बंटने की काफी संभावना है। पुलिन की एक टीम शराब के ठेकों पर भी नजर रखे हुए है।
नेताओं के घर पर नजर
पुलिस विभाग ने इस बार नेताओं के घरों और दुकानों पर भी नजर रखे हुए है, ताकि कोई शराब का स्टाक न करे। इसके साथ ही पार्टी में काम कर रहे नेताओं के वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि अगर वाहनों का प्रयोग शराब वितरण के काम में किया जा रहा है तो ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
पिछले लोकसभा चुनाव में सेक्टर-18 में एक राजनीतिक दल ने दूसरे राजनीतिक दल के नेताओं की गाड़ी पकड़वाई थी जो कि शराब से भरी हुई थी। इसके साथ ही साल 2011 में हुए नगर निगम चुनाव में सेक्टर-36 में भाजपा उम्मीदवार ने कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ रही उम्मीदवार की गाड़ी से शराब पकड़वाई थी।
एक-दूसरे की पोल खोलेंगे नेता
राजनीतिक दल एक दूसरे पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं, ताकि एक दूसरे की गुप्त सूचना पुलिस को दे सकें। जब विपक्षी नेता शराब लेकर जा रहे हो या फिर बांट रहे हो। इसके साथ ही नेता एक दूसरे की यह जानकारी भी इकट्ठी कर रहे हैं वह किस ब्रांड की शराब बांटने की तैयारी कर रहे है, ताकि दूसरा दल उनसे अच्छी किस्म की शराब बांट सके।
किसी भी सूरत में शराब का वितरण नहीं करने दिया जाएगा। अवैध तरीके से शराब रखने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया जाएगा। उनका कहना है कि पूरे शहर में पुलिस तैनात है जो कि नजर रखे हुए हैं।
सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी, चंडीगढ़