शहर में वाई-फाई जोन बनाने की प्लानिंग लगातार फेल होने के कारण अब प्रशासन इस प्रक्रिया में ही बदलाव करने जा रहा है।
वाई-फाई प्रोजेक्ट के 50 प्रतिशत खर्च का बोझ प्रशासन उठाएगा। खुदाई संबंधी सभी तरह की मदद और विभिन्न तरह की मंजूरी अपने स्तर पर देगा। पहले कंपनी को खुद यह सब करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। लेकिन खर्च और मंजूरी लेने की पेचीदा प्रक्रिया के कारण किसी भी कंपनी ने वाई-फाई जोन के टेंडर में रुचि नहीं दिखाई।
अभी तक तीन साल में तीन बार प्रशासन वाई-फाई जोन के लिए टेंडर निकाल चुका है। लेकिन तीनों बार यह सिरे नहीं चढ़ पाया। इस बार प्रशासन ने 8 फरवरी को टेंडर निकाला था, लेकिन केवल एक ही कंपनी ने आवेदन किया। नियमों के मुताबिक तीन कंपनियों का टेंडर में भाग लेना जरूरी है। प्रक्रिया में बदलाव के बाद अब चौथी बार इसका टेंडर निकालने की तैयारी है। पूर्व एडवाइजर केके शर्मा ने 2014 की गणतंत्र दिवस पर दिए भाषण में शहर को वाई-फाई बनाने की घोषणा की थी।
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी-2013 के तहत शहर में लोगों को हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा देने के लिए वाई-फाई जोन बनाने संबंधी फैसला हुआ था। पिछले साल प्रशासन ने टेंडर निकाला भी था, लेकिन उस दौरान केवल एक ही कंपनी ने आवेदन किया था। उसके बाद दो बार और टेंडर निकाला गया, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
सबसे पहले तीन जगह को बनाया जाना है वाई-फाई
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- फोटो : BBC
सबसे पहले सुखना लेक, आईटी पार्क और सेक्टर-17 प्लाजा को वाई-फाई किया जाना है। इन तीनों को वाई-फाई किए जाने की प्लानिंग पिछले तीन साल से चल रही है। इन तीनों के बाद आईएसबीटी-17, 43 और रेलवे स्टेशन को वाई-फाई जोन बनाना है। स्मार्ट सिटी के रिवाइज्ड प्रस्ताव में भी वाई-फाई को शामिल किया गया है। इसमें पूरे शहर को वाई-फाई बनाए जाने का प्रस्ताव है।
मदद के बदले कंपनियों को पहली 30 मिनट फ्री देनी होगी सुविधा
प्रशासन की मदद के बदले कंपनियों को ग्राहक को फायदा पहुंचाना होगा। पहली 30 मिनट लोगों को निशुल्क इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवानी होगी। उसके बाद न्यूनतम खर्च ही वसूलना होगा। प्रोजेक्ट में बदलाव करने केबाद 20 मिनट को 30 मिनट किया गया है। पहले 20 मिनट ही फ्री इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवानी थी।
कोट्स...
वाई-फाई जोन के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। प्रशासन वाई-फाई के लिए कंपनी का सहयोग करेगा। खुदाई और मंजूरी का काम प्रशासन देखेगा। बदलाव के साथ जल्द टेंडर जारी किया जाएगा। इस बार वाई-फाई जोन का काम शुरू करने की हर संभव कोशिश होगी।
प्रिंस धवन, डायरेक्टर, आईटी, चंडीगढ़।