पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए बुजुर्ग को नहीं मिले पैसे
पत्नी की मौत और जेब में सिर्फ 500 का नोट, जिसे दुकानदारों ने लेने से मना कर दिया। समस्या खड़ी हुई कि पत्नी का अंतिम संस्कार कैसे हो? कहीं से मदद मिलते न देखकर बुजुर्ग को बैंक की लाइन में लगना पड़ा। मामला हरियाणा के पानीपत का है।
कैंसर पीड़ित पत्नी की मौत का गम और अंटी में केवल 500 रुपये का पुराना नोट। बुजुर्ग पत्नी का शव घर में छोड़कर रुपये निकालने के लिए बैंक की लाइन में खड़ा हुआ तो वहां भी उसे जवाब मिला कि कैश खत्म हो गया है। करीब पांच घंटे लाइन में खड़ा होने के बाद उसे तीन हजार रुपये तभी मिल सके जब उसे रोता देखकर लोगों ने बैंक कर्मचारियों पर दबाव बनाया।
हालांकि बैंक प्रबंधन का कहना है कि लाइन में बहुत से लोग खड़े थे, उन्हें वृद्ध की व्यथा का पता चला तो तत्काल रकम का भुगतान कर दिया गया। राजनगर निवासी राजेंद्र पांडेय को नोटबंदी का ऐसा कड़वा अनुभव हुआ कि पत्नी की मौत का गम और भारी हो गया।