कार्यक्रम की शुरुआत हमारे सैनिकों और सशस्त्र बलों की वीरता और पराक्रम व जीत का सम्मान करने के लिए देशभक्ति गीत ऐ वतन-ऐ वतन हमको तेरी कसम से हुई।
जसप्रीत जस्सल ने तेरे ख्यालों में हम..., डॉ. अरुण कांत ने तू औरों की क्यों हो गई..., डॉ. एसएस प्रसाद और रंजू प्रसाद ने समझ गया मैं तेरा बहाना..., कैलाश अटवाल और श्वेता ने बोल मेरे साथिया..., विजय टिक्कू और वंशिका ने चल दरिया में डूब जाएं पेश किया। वहीं, रोशनलाल ने रहा गर्दिशों में हरदम..., अनिल शर्मा, पुलकित और अरीशा ने देखो मैंने देखा..., विरंची और दीती कौशिक ने जिसके सपने हमें रोज..., परमजीत सिंह और हर्षिका ने जब आती होगी याद... गीत पेश कर तालियां बटोरीं।