चार फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार लोग यह नहीं कह पाएंगे कि ईवीएम से छेड़छाड़ हुई थी। उन्होंने किसी और उम्मीदवार को वोट डाला था, उनका वोट दूसरे उम्मीदवार को चल गया।
निर्वाचन आयोग ने इस समस्या का तोड़ निकाल दिया है। एटीएम की तर्ज पर लोग इस बार ईवीएम का बटन दबाने के बाद देख पाएंगे कि उनका वोट उम्मीदवार के पक्ष में गया है नहीं।
यह चीज मतदाता सात सेकेंड तक ईवीएम से जुड़ी नई मशीन की स्क्रीन पर देख पाएंगे। इसके अलावा मतदान के बाद मशीन से एक पर्ची भी निकलेगी, जो मशीन के अंदर सील रहेगी। यह चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में रहेगी।
जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग द्वारा ईवीएम मशीनों को आम लोगों के लिए फ्रेंडली बनाने को समय के साथ परिवर्तन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।