पंजाब की राजनीति में मालवा क्षेत्र की अहमियत सबसे ज्यादा है। ऐसे में मालवा का किला भेदने में सभी राजनीतिक दल एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। सभी दलों को अहसास है कि मालवा पर जीत का परचम लहराए बिना पंजाब की सत्ता हासिल नहीं की जा सकती है।
मालवा ने ही पंजाब को सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री (प्रकाश सिंह बादल, सुरजीत सिंह बरनाला, कैप्टन अमरिंदर सिंह, राजिंदर कौर भट्ठल, बेअंत सिंह, ज्ञानी जैल सिंह और हरचरण सिंह बराड़) दिए हैं।
पंजाब की सबसे ज्यादा विधानसभा सीटें 69 मालवा क्षेत्र में हैं और पिछले विस चुनाव में अकाली दल ने इनमें से 36 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि कांग्रेस के खाते में 31 सीटें आई थीं। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने मालवा की चार सीटें संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और फरीदकोट जीतकर सभी को हैरत में डाल दिया था।