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Chandigarh News: रात को बजती हैं सीटियां, कसी जाती हैं फब्तियां, करते हैं पीछा

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मोहाली। जिले में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। दिन हो या रात, पार्टी हो सुनसान जगह सब जगह छेड़छाड़, छीनाझपटी और हमलों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल होता जा है। रात के समय तो बाहर निकलना तरह तरह की आशंकाओं को जन्म देता है। बलौंगी में दुष्कर्म की वारदात के बाद संवाददाता ने रात 11 से एक बजे तक शहर की पड़ताल कर महिलाओं से बातचीत की तो हालात बहुत ही भयावह नजर आए। फेज-7, फेज-3बी2, फेज-5 और सेक्टर-70 स्थित जुबली में शालीनता और सुरक्षा सब तार-तार नजर आई। यहां वीकेंड और अन्य दिन कैफे, फूड आउटलेट्स और हैंगआउट स्पॉट्स की वजह से लोग आते हैं। मार्केट पूरी रात खुली रहती है। 10 बजे के बाद यहां का माहौल बदल जाता है। संवाद
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यह थे हालात
संवाददाता रात 11 बजे मौके पर पहुंची तो देखा कि कुछ लड़कियां परिवार के साथ यहां पहुंचीं तो नशे में धुत लोग अश्लील इशारे करने लगे। कुछ लोग तो उन लड़कियों का पीछा करने लगे। इसी दौरान कुछ लोग संवाददाता पर भी फब्तियां कसने से बाज नहीं आए। परिजन लड़कियों को लेकर जैसे-तैसे बचते-बचाते वहां से निकलते नजर आए। संवाददाता को हालात देखते थे, इसलिए वहां रुकना जरूरी था। इसी तरह फेज-7 में दो महिलाएं नशे में धुत थीं। वे रुपयों के लिए लड़कों से झगड़ रही थी। गंदी-गंदी गालियां दे रहीं थीं। एक ने रुपये न मिलने पर अपने कपड़े तक फाड़ दिए थे। यहां सड़क किनारे वेश्यावृत्ति में शामिल महिलाएं, ट्रांसजेंडर्स और अन्य असामाजिक तत्व सक्रिय नजर आए। आम लोगों और लड़कियों के लिए यह क्षेत्र बिलकुल भी सुरक्षित नजर नहीं आया। यहां संवाददाता को एक महिला ने बताया कि वह अपनी दोस्त के साथ रात 11 बजे जुबली वॉक पहुचीं थी। पार्किंग की तरफ जाते समय दो लड़के कार में उनका पीछा करने लगे। गंदे इशारे करने लगे। डरकर तेजी से आगे बढ़ीं, लेकिन वे 200 मीटर तक पीछे आते रहे। मुश्किल से उन लोगों से पीछा छुड़ाया।



यहां देर रात असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। महिलाएं और परिवार लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हमने पहले भी शिकायत की है, पर हालात जस के तस हैं। रात में चलने वाले फूड आउटलेट्स भी भीड़ और गलत गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, इन्हें समय पर बंद कराया जाना चाहिए। -केके सैनी, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए कन्फेडरेशन
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रात देर तक कुछ बाहरी लोग यहां माहौल खराब करते हैं। हमने कई बार डीसी, पुलिस को पत्र लिखकर नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने और असामाजिक तत्वों को हटाने की मांग की है। इससे मार्केट की छवि को नुकसान पहुंच रहा हैं, इसलिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए। रात में चलने वाले फूड आउटलेट्स 12 बजे तक बंद हो जाने चाहिए। - अकबिंदर गोसल, प्रधान, मार्केट कमेटी



नोडल अफसर तैनात किया गया है। थाने की टीम नियमित अंतराल पर चेकिंग करती है। एसएचओ खुद मौके पर विजिट करते हैं। ड्रंकन ड्राइव के चालान भी लगातार किए जा रहे हैं। देर रात को कॉर्डन लगाकर मार्केट की जांच की जाती है। इन कदमों के बाद हालात पहले की तुलना में काफी सुधरे हैं। - दिलप्रीत सिंह, एसपी सिटी
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