जिला अदालत में सोमवार को सिविल जज के साथ लोकल कमिश्नर महिला वकील की किसी बात को लेकर बहस हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल जज ने वकील को गिरफ्तारी के आदेश दे दिए।
गिरफ्तारी के आदेश मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के महिला कांस्टेबल वकील को पकड़ने लगी तो वकील भागते हुए सीधा सीजेएम की अदालत में पहुंच गई।
महिला वकील ने सारी घटना की जानकारी अदालत को दी और सीजेएम की अदालत ने वकील की गिरफ्तारी पर रोक लगाई। हंगामा बढ़ते देख जिला बार एसोसिएशन के सदस्य पहली मंजिल पर महिला वकील के समर्थन में जुट गए।
इसके बाद सिविल जज द्वारा वकील के साथ ऐसा सलूक करने पर एतराज करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल से मिलने पहुंच गए।
न्यायाधीश ने वकीलों के प्रतिनिधि मंडल की समस्या को समझते हुए घटना पर चिंता जताई। इसके बाद उन्होंने इस महिला वकील को कहा कि यदि वह चाहे तो उनकी कोर्ट में लोकल कमिश्नर के रूप में काम कर सकती हैं।
इसके बाद वकील शांत हुए। जानकारी के मुताबिक इस वकील की मजिस्ट्रेट से तब ठन गई जब उन्होंने स्टेटमेंट रिकार्ड करवाने के लिए किसी और लोकल कमिश्नर को बुला लिया।
इस महिला वकील ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कोर्ट में तैनात सिविल जज से इस बात पर उसकी कई बार बहस हो चुकी है।