एफसीआई खुले बाजार में बिक्री के लिए 50 हजार टन गेहूं और 10 हजार टन चावल देगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गेहूं और चावल की कीमतों काे नियंत्रित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए एफसीआई खुले बाजार बिक्री योजना (घरेलू) के तहत 50 हजार टन गेहूं और 10 हजार टन चावल खुले बाजार में बिक्री के लिए देगा, ताकि गेहूं और चावल की आपूर्ति को बढ़ाया जा सके। इससे मंदी के मौसम में विशेषकर घाटे वाले क्षेत्रों में खुले बाजार की कीमतों में नरमी आएगी। वहीं, यह भी फैसला लिया गया है कि एक पैन नंबर पर अधिकतम 100 टन गेहूं लिया जा सकेगा। एफसीआई की ओर से थोक विक्रेताओं के लिए एम जंक्शन पोर्टल पर साप्ताहिक गेहूं और चावल की ई-नीलामी की जाती है। इच्छुक खरीदार नीलामी में भाग लेने के लिए एम जंक्शन साइट पर खुद को सूचीबद्ध कर सकते हैं।
हरियाणा के 12 हजार मीट्रिक टन गेहूं की नीलामी
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 28 जून से शुरू हुई ई-नीलामी में अब तक कुल 75 हजार 390 टन गेहूं बेचा गया है, जिससे बाजार में गेहूं की कीमतें ढाई महीने में 2700 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 2350 रुपये क्विंटल रह गई हैं। सितंबर में हरियाणा क्षेत्र में ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के तहत लगभग 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की पेशकश की जाएगी और आने वाले महीनों में मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा क्षेत्र में भूना, बास, रतिया, टोहाना, नीमला, नारनौंद, भट्टू, बवानी खेड़ा, उकलाना, मंचूरी, रादौर, निगधू, मुस्तफाबाद, भोरसैदा, पुंडरी, कलायत, लूखी, नयाबास, गोहाना, बेरी और बहादुरगढ़ स्थित डिपो से 12,000 मीट्रिक टन की मात्रा की पेशकश की गई है।
चावल के लिए अधिकतम बोली एक हजार मीट्रिक टन से ज्यादा नहीं होगी
वहीं, चावल का आरक्षित मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल है। चावल उत्पादों के व्यापारी/थोक खरीदार / निर्माता न्यूनतम 10 मीट्रिक टन मात्रा के लिए बोली लगा सकते हैं और चावल की ई-नीलामी में सभी डिपो के लिए प्रति बोलीदाता अधिकतम बोली मात्रा 1000 मीट्रिक टन से अधिक नहीं होगी। प्रवक्ता ने बताया कि टोहाना, इंद्री, नारायणगढ़, शहजादपुर, मुलाना, रादौर, सैधुरा, बालछप्पर, लाडवा, चीका, पेहोवा, जोगीमाजरा और पिपली स्थित डिपो से पूरे हरियाणा क्षेत्र में 10,000 मीट्रिक टन चावल की पेशकश की गई है।