चंडीगढ़। सेक्टर-42 के श्री सनातन धर्म मंदिर में तीन दिनों से चल रही शिव कथा का समापन हो गया। यह कथा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से और मंदिर के सहयोग से हुआ। कथा व्यास साध्वी संयोगिता भारती ने शिव-पार्वती विवाह में निहित गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को समझाया। कहा कि भगवान शिव ने जो भी कार्य किए जग को सत्य से जोड़ने के लिए किए।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव द्वारा समुद्र मंथन में निकले विष के पान करने का कारण केवल देवताओं एवं समाज पर आए कष्ट को अपने ऊपर लेकर उनका उद्धार करना था। भगवान शिव ने स्वयं विष का पान करके हमें यह शिक्षा दी कि जब भी समाज में किसी कारण वश कोई भी विपदा आए तो उस समय उस समस्याओं का मिलकर समाधान किया जाए।
साध्वी ने कहा कि फिलहाल पंजाब में आई बाढ़ से बहुत सारे लोग पीड़ित हैं। बहुत से लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है। पशु मरने से नुकसान हुआ है और फसलें बर्बाद हो गई है। इस समय हमारा समाज के प्रति यह दायित्व है कि इस मुश्किल समय में अपनी ओर से हर संभव बाढ़ पीड़ित लोगों की सहायता करें
साध्वी मैथिली भारती ने कहा कि इन विषम परिस्थितियों में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सभी आपदा-ग्रस्त लोगों के साथ खड़ा है। बाढ़ से प्रभावित हजारों परिवारों की सहायता के लिए संस्थान ने अपने प्रकल्प समाधान के अंतर्गत राहत अभियान शुरू किया है।
संस्थान के स्वयंसेवक प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न, वस्त्र, दवाइया और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं। संस्थान की ओर से मोबाइल मेडिकल शिविर लगाए जा रहे हैं जिनमें रोगग्रस्त एवं घायल लोगों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मानसिक रूप से आहत लोगों की काउंसलिंग भी की जा रही है।उन्होंने सभी को संगठित होकर इस नेक प्रकल्प में अपना योगदान देने और विश्व शांति के लिए निष्काम प्रार्थना करने के लिए प्रेरित किया।