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Chandigarh News: ये कैसी स्मार्ट लाइट ः एक समय तीन तरफ की लाइट ग्रीन, कई गाड़ियों की टक्कर होने से बची

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चंडीगढ़। अगर आप स्मार्ट सिटी की स्मार्ट लाइट के भरोसे अपनी गाड़ी लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। ये स्मार्ट लाइट कब धोखा दे जाएं, कोई भरोसा नहीं है। सोमवार को एक ऐसा ही वाकया सेक्टर-22/23 की लाइट पर देखने को मिला, जब एक साथ तीन तरफ की लाइट ग्रीन हो गईं। ऐसे में कई गाड़ियां आपस में टकराने से बचीं।लाइट में यह खामी सुबह लोगों के दफ्तर के जाने के समय हुई। सेक्टर-22/23 की इंटरनल लाइट पर सुबह करीब नौ बजे किसान भवन चौक से स्टेडियम चौक की तरफ जाने वाली सड़क की लाइट ग्रीन थी। उसी समय दो अन्य तरफ की लाइट भी ग्रीन हो गई, जिसकी वजह से कई गाड़ियां एक-दूसरे से टकराने से बचीं। सेक्टर-22 की तरफ से सेक्टर-23 की तरफ जा रही सीटीयू की एक इलेक्ट्रिक बस किसान भवन चौक की तरफ से आ रही एक कार से बाल-बाल टकराने से बची। इसे लेकर दोनों वाहन चालकों में काफी बहस भी हुई लेकिन दोनों ने जब देखा कि गलती किसी की नहीं है, क्योंकि बस चालक भी ग्रीन लाइट होने पर निकल रहा था और कार चालक की लाइट भी ग्रीन थी। कई लोग यह स्थिति देखकर हैरान हो रहे थे। करीब दो घंटे तक ऐसी स्थिति बनी रही। ऐसे में बड़ा सवाल उठाता है कि अगर स्मार्ट लाइट की वजह से कोई हादसा हो जाता तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता।
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ऑफिस समय होने की वजह से सभी थे जल्दी में
ऑफिस का समय होने की वजह से सभी वाहन चालक जल्दी में थे, इसलिए अपनी लेन की ग्रीन लाइट देखकर सभी गाड़ी निकाल लेने की जल्दी में थे। ऐसे में सेक्टर-22/23 लाइट के टी-प्वाइंट पर सभी गाड़ियां एक-दूसरे के आमने-सामने आ जा रही थीं। कुछ देर बाद अन्य सड़कों की लाइट रेड हो गई और सामान्यतः कार्य करने लगी, लेकिन किसान भवन चौक से स्टेडियम चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर लाइट ग्रीन ही रहीं। नंबरिंग भी बंद हो गई। अमर उजाला ने मौके पर देखा कि एक तरफ की सड़क लगातार ग्रीन रहने की वजह से जब-जब अन्य सड़कों की लाइट ग्रीन हो रही थी तो स्थिति खराब हो जा रही थी।
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