चंडीगढ़। बारिश में वायरल इंफेक्शन और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 की इमरजेंसी में वायरल बुखार, गले में खराबी, स्किन प्रॉब्लम के दर्जनों मरीज पहुंच रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जरा सी मस्ती के लिए बरसात में भीगना गंभीर बीमारियों की चपेट में ला सकता है। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना के साथ खुद को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए सचेत रहें।
फ्लू क्लीनिक में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई
जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि बरसात के साथ वायरल इंफेक्शन के मरीज बढ़ने लगे हैं। इमरजेंसी में बुखार के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए फ्लू क्लीनिक में डॉक्टरों की संख्या बढ़ा दी गई है। डॉ. नागपाल का कहना है कि लोग बरसात में भींगकर बीमार पड़ रहे हैं। इससे कोरोना के बीच अन्य वायरल बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
बरसात में सर्दी-जुकाम और सामान्य बुखार की समस्या आम बात है। बच्चे, बुजुर्ग और ऐसे व्यक्ति जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, वे आसानी से इसका शिकार हो जाते हैं। बरसात के दिनों में हवा में बढ़ी हुई नमी की मात्रा और गर्मी के बाद तापमान के अचानक घट जाने से शरीर को नई परिस्थिति के हिसाब से ढलने की मशक्कत करनी पड़ती है और इस कारण इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है।
बरसात में साफ-सुथरा और सूखा रहने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। न केवल शरीर और पहनने वाले कपड़े बल्कि बिस्तर, चादर और वे सारी चीजें जिनके संपर्क में हमारा शरीर आता है विशेष रूप से साफ-सुथरी और सूखी हुई होनी चाहिए।
इम्यून सिस्टम मजबूत रखने पर जोर दें
सेक्टर 28 स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के प्रभारी डॉ. राजीव कपिला का कहना है कि बरसात के दिनों में सर्दी-जुकाम और वायरल समस्याओं से बचने के लिए इम्यून सिस्टम मजबूत रखने का पूरा ध्यान रखना चाहिए। खाने में विटामिन सी युक्त आहार का सेवन पूरे बरसात खास तौर पर करना चाहिए। काली मिर्च, लहसुन, अदरक का सेवन करें। घर के संक्रमित सदस्य को ध्यान रखना चाहिए कि उनकी छींक और खांसी से संपर्क में दूसरे लोग न आएं।
ऐसे करें बचाव
घर के आसपास गंदा पानी जमा होने दें।
खान-पीने में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
बाहर का खाना खाने से परहेज करें।
खुले में बिकने वाले जूस कटे फलों से परहेज करें।
ताजा खाना खाएं।
पानी को उबालने के बाद ठंडा कर पिएं।
घर के आसपास जमा पानी में दवा का छिड़काव कराएं।
बुखार है तो खुद दवा लेने से परहेज करें। तुरंत डाक्टर से जांच कराएं।
बुखार होने पर खून की जांच अवश्य कराएं।
कटे हुए फल सब्जियां ज्यादा देर तक न रखें।
भीगने से बचकर त्वचा रोगों से दूर रहें
बरसात में हवा में बढ़ी हुई नमी की मात्रा बैक्टीरिया और फंगस बढ़ाने में सहायक होती है। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. विकास शर्मा का कहना है कि हमारे शरीर की त्वचा इनके पनपने और वृद्धि करने का माध्यम बन जाता है। देर तक गीला शरीर और बिना नहाया हुआ गंदा शरीर इसकी चपेट में आसानी से आ जाता है। बारिश में भीगने के बाद गीला कपड़ा तत्काल बदल लें, शरीर को अच्छी तरह पोंछ लें, जहां रेशेज आ गए हों, वहां पाउडर लगाएं। डॉ विकास ने बताया कि बरसात में कपड़ों का सूखना एक समस्या होती है। देर तक गीले कपड़ों पर फंगस और बैक्टीरिया पनप जाते हैं। फिर यही कपड़े हमारे शरीर पर फंगस जनित खुजली और दाद-खाज के कारण बनते हैं। इसलिए रोज नहाना, शरीर को पूरी तरह साफ-सुथरा और सूखा रखने के साथ ही साफ और सूखे कपड़े पहनना इस समस्या से बचने का सबसे अच्छा उपाय है।