मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ही उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश, बर्फबारी और तापमान में गिरावट होती है। खासकर सर्दियों में यह निम्न दबाव प्रणाली है। यही भूमध्य सागर से नमी लेकर आती है व मौसम को प्रभावित करती है।
पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और समुद्र तल का तापमान ज्यादा होने का असर चंडीगढ़ के मौसम पर भी दिख रहा है। अब तक न ठीक से धुंध पड़ी और न ठंड बढ़ी है।
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मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में तीन दिन आंशिक रूप से बादल छाने का अनुमान है। हालांकि न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान में बदलाव होने की संभावना कम ही है। पिछले सप्ताह के आंकड़ों को देखें तो एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है तो वहीं अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ही उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश, बर्फबारी और तापमान में गिरावट होती है। खासकर सर्दियों में यह निम्न दबाव प्रणाली है। यही भूमध्य सागर से नमी लेकर आती है व मौसम को प्रभावित करती है। मौसम विभाग की मानें तो ठीक से बर्फबारी न होने की वजह भी यही है। विभाग के अनुसार 18 दिसंबर के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है।
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चंडीगढ़ में आने वाले दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। चंडीगढ़ में सोमवार को अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। वहीं, चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।
मौसम में ठंड न होने की प्रमुख वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का कमजोर पड़ना है। इसकी वजह से न तो अभी बर्फबारी हो पा रही है न ही सर्दी ज्यादा हो रही है। हालांकि यह स्थिति 18 दिसंबर से बदल जाएगी। -सुरिंदर पाल, डायरेक्टर, मौसम विभाग