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सेवा का ऐसा जुनून.. पड़ोसी से मांगा मशीन और बना दिए 500 मास्क

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चंडीगढ़। जीएमसीएच 32 में तैनात नर्सिंग स्टाफ कुमोद यादव और जतिंदर कौर के जज्बे को सलाम..। उन्होंने पड़ोसी से मशीन मांगी और ड्यूटी के बाद दिन-रात सिलाई कर 500 से ज्यादा मास्क तैयार किए। उसे अपने नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से जरूरतमंदों तक पहुंचाया। अस्पताल में मरीजों की देखभाल कर घर लौटने पर घर का काम खत्म कर इन दिनों ने अपनी नींद और आराम को दरकिनार कर चंद दिनों में मास्क बनाया।
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कोरोना के कारण बाजार में मास्क की कमी को गंभीरता से लेते हुए इन दोनों ने मदद करने का निर्णय लिया और जुट गए सिलाई करने में। इन दो स्टाफ की बदौलत उनका एसोशिएशन अलग अलग क्षेत्रों के जरूरतमंदों को मास्क बांट चुका है।
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थोड़ी सी ट्रेनिंग के बाद बन गया काम
कुमोद ने बताया कि नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डबकेश कुमार से ड्यूटी के दौरान हुई बातचीत में समझ आया कि मास्क, सेनेटाइज की कमी परेशानी बनती जा रही है। उसके बाद तय किया कि मास्क बनाएंगे। मेरे साथ एसोसिएशन की कोषाध्यक्ष जतिंदर कौर ने मास्क बनाने का निर्णय लिया। लेकिन उनके पास सिलाई मशीन नहीं थी। बिना सिलाई मशीन के मास्क बनाना संभव नहीं था। इसलिए इस समस्या को अध्यक्ष के सामने रखा। उन्होंने पड़ोसी से मशीन उपलब्ध कराया। दूसरे की मशीन लेकर ड्यूटी के बाद सिलाई की।
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लड़का हूं तो क्या हुआ मैं करूंगा सिलाई
मास्क बनाने के लिए जब कुमोद ने हामी भरी तो सभी चौक गए। उनका एक ही सवाल था कभी सिलाई की नहीं, एक लड़का सिलाई मशीन चलाकर मास्क बनाएगा। ये सुनकर मेरे लिए अब मास्क बनाना एक टास्क बन गया था। घर से मशीन उठाया और लेकर पहुंच गया जतिंदर कौर के घर। उन्होंने मुझे सबसे पहले मशीन में धागा लगाना और उसे चलाना बताया। फिर दो तीन मास्क बनाकर दिखाए। उसके बाद मैंने मास्क बनाना शुरू का दिया। तीन दिन में 500 मास्क बनाए। इस काम में जतिंदर कौर के बेटे ने भी पूरी मदद की।
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