इससे पहले पीजीआई से राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) नई दिल्ली भेजे गए कोरोना जांच के 70 प्रतिशत नमूनों में यूके स्ट्रेन पाया गया है। 20 प्रतिशत नमूनों में कोरोना का 681 एच म्यूटेशन पाया गया है। चिंता की बात यह है कि पीजीआई से भेजे गए कुल 60 नमूनों में से ज्यादातर चंडीगढ़ के मरीजों के हैं। ऐसे में पीजीआई प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग और यूटी प्रशासन की चिंता काफी बढ़ गई है।
पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर जगतराम ने बताया कि मार्च में ही पीजीआई के वायरोलॉजी विभाग से कोरोना के 60 मरीजों के नमूने एनसीडीसी भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट गुरुवार शाम को मिली। प्रो. जगतराम ने बताया कि पंजाब के साथ अब चंडीगढ़ में भी यूके स्ट्रेन के मिलने से यहां भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि कोरोना का यह नया रूप बेहद खतरनाक और तीव्र गति से संक्रमण फैलाने वाला माना जा रहा है।
चंडीगढ़ ट्राइसिटी में गुरुवार को रिकॉर्ड 1649 नए संक्रमित मिले। वर्ष 2021 में एक दिन में मिलने वाले नए मरीजों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। वहीं, चार संक्रमितों की मौत की पुष्टि भी की गई। मृतकों में से तीन चंडीगढ़ जबकि एक मोहाली का रहने वाला था। नए संक्रमितों में सबसे अधिक 860 मरीज मोहाली में जबकि चंडीगढ़ और पंचकूला में क्रमश: 412 और 377 लोग संक्रमित मिले। दिनोंदिनों संक्रमितों की बढ़ती संख्या से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चिंतित हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि कोरोना से बचाव के नियमों का कड़ाई से पालन करें।