इसी बीच कोरोना की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लग गया। ऐसे में मैरिज पैलेस वालों ने खुद ही शादी के लिए इनकार कर दिया। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर शादी कैसे संपन्न होगी। इसके बाद उन्होंने होने वाली बहू के परिजनों और दूसरी तरफ होने वाले दामाद के परिजनों से बात की। जिसमें सभी साधारण तरीके से शादी के लिए राजी हो गए।
इसके बाद शादी कहां पर की जाए, यह उनके लिए सबसे बड़ा सवाल था। फिर उन्होंने सुना था कि फेज-4 स्थित गुरुदारा श्री कलगीधर सिंह सभा में साफ-सफाई बहुत है। इसके साथ ही कोरोना के चलते वहां पर सैनिटाइजेशन से लेकर अन्य काम किए जाते हैं। इसके बाद वह फेज-4 स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। वहां पर उन्होंने श्री गुरुदारा साहिब के प्रधान जतिंदर पाल सिंह जेपी से मुलाकात कर पूरी बातचीत की। इस पर जेपी सिंह ने उन्हें शादी करने की अनुमित देकर सभी औपचारिकताएं पूछी। इसके बाद उन्होंने उन्हें वहां पर विवाह समागम की अनुमति दे दी।
बारात में पांच-पांच लोग हुए शामिल
धर्मवीर सिंह ने बताया कि बेटी की बारात गुरदासपुर से आई थी। इसमें गिनती के 5 लोग थे। जबकि उनके 5 सदस्य ही शादी में शामिल हुए। जबकि बहू की तरफ से भी कम ही लोग थे। उन्होंने बताया कि समागम काफी अच्छा हुआ और यह दिन उनके लिए यादगार बन गया है।