शादी की पारंपरिक पोशाक में राजस्थानी गोटा चार चांद लगा देता है। गोटे को यदि स्लीके से लगाया जाए तो वह वेस्टर्न से लेकर इंडियन तक को एक नया लुक दे देता है।
यह कहना है जयपुर से आई ड्रेस डिजाइनर पुनीत बालना का। पुनीत बुधवार से शुरू होने वाली वेडिंग एग्जीबिशन में हिस्सा लेने के लिए शहर में पहुंची हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज वन के एक मॉल में मंगलवार दोपहर एग्जीबिशन में हिस्सा लेेने वाले कई डिजाइनर ने अपना क्लेकशन पेश किया।
पुनीत ने बताया कि राजस्थानी गोटे को किसी भी धागे से डिजाइन किया जा सकता है। हालांकि, एक सूट में गोटे का कार्य पूरा करने के लिए 20 दिन तक लग जाते हैं। एग्जीबिशन में पुनीत ने अनारकली सूट, साड़ी, गाउन, लहंगा और शरारा पर गोटे के खास कार्य को प्रदर्शित किया है।
इसमें चंडीगढ़ की भानूप्रीत भी ओरेंज कैंडी के नाम से अपने स्टॉल में कंटेंपरी स्टाइल में चमकदार वेडिंग ड्रेसेज लेकर आई हैं। भानूप्रीत ने कहा कि आजकल शादियों में लोग हल्की ज्वेलरी पहनना पसंद करते हैं, इसलिए उन्होंने अपनी क्लेकशन में अलग तरह की ड्रेसेज पेश की हैं।
इसमें ज्वेलरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने अपनी ड्रेसेज में पीले रंग के साथ क्रिस्टल को इस तरह से संजोया है, जो गोल्ड ज्वेलरी की कमी को पूरा कर देगा। एग्जीबिशन की आयोजक रश्मि बिंद्रा ने बताया कि उन्होंने शहर में 2006 से एग्जीबिशन लगानी शुरू की थी।
इस बार उन्होंने पंजाब के अलावा जयपुर, लखनऊ, कोलकाता और अन्य राज्यों से कई डिजाइनर बुलाए हैं। यह प्रदर्शनी 27 से 28 अगस्त तक होटल ताज में सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक रहेगी।