बहुत धीमी एंट्री करने वाला मानसून अभी तक चंडीगढ़ से रूठा हुआ है। गर्मी और उमस से निजात नहीं मिल रही, लोगों को बारिश का इंतजार है। दो जुलाई के बाद से चंडीगढ़ में सिर्फ एक दो जगहों पर ही बूदाबांदी हुई है। इससे उमस और गर्मी बढ़ती जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में अब तक मानसून सक्रिय नहीं है। दिल्ली से भी मानसून रूठा हुआ है।
बताया जा रहा है कि मॉनसूनी ट्रफ को मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर में आने से रोक रहा है। इससे चंडीगढ़ सहित दिल्ली में बारिश नहीं हो पा रही है, लेकिन अब मध्यप्रदेश पर बना सिस्टम अब कमजोर पड़ रहा है। इससे यह ट्रफ उत्तर भारत की ओर आगे बढ़ेगी और मानसून के एक्टिव होने के चांस बढ़ेंगे। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि एक दो दिन में बारिश होगी, लेकिन ये बहुत ही हल्की होगी।
15 जुलाई के बाद ही मानसूनी बारिश के होने के आसार बन रहे हैं। दूसरी तरफ जम्मू व कश्मीर के पास नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी एक्टिव हो रहा है। 13 जुलाई के आसपास इसका असर देखने को मिल सकता है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि 11 जुलाई शाम के बाद हल्की बारिश शहर में देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी गलत साबित हुईं
चंडीगढ़ मौसम विभाग की मानसून पर की गई भविष्यवाणी भी गलत साबित हुई है। पहली भविष्यवाणी मौसम विभाग के आगमन को लेकर थी। बताया गया था कि मानसून समय पर या समय से पहले पहुंचेगा, लेकिन मानसून दो से तीन दिन की देरी से आया। फिर बताया गया कि तीन से छह जुलाई तक अच्छी बारिश होगी, वह भी भविष्यवाणी गलत साबित हुई। उसके बाद बताया गया कि जुलाई के दूसरे हफ्ते मानसून एक्टिव रहेगा, लेकिन फिर ऐसा नहीं हुआ।
फिर से बढ़ा तापमान
शनिवार को दिन के तापमान में कुछ नरमी देखने को मिली थी, लेकिन रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी दी गई। रविवार को दिन का तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा था। रात का तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस नोट किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा था। हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 89 प्रतिशत नोट किया गया, जबकि न्यूनतम मात्रा 49 प्रतिशत नोट किया गया। हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से गर्मी और उमस से लोग परेशान हो गए हैं।