चंडीगढ़। मोहाली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईसर) अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने पर पंजाब के लिए नया वेदर फोरकास्टिंग सिस्टम लॉन्च करेगा। आईसर के निदेशक प्रो. अनिल के. त्रिपाठी ने वीरवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सिस्टम 27 सितंबर को लॉन्च होगा। इसके जरिये तापमान, हवा का दबाव, बारिश, ह्यूमिडिटी और बिजली गिरने जैसी मौसम संबंधी जानकारी मिलेगी। खास बात यह है कि करीब तीन दिन पहले मौसम का पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा सकेगा। फिलहाल इसे पंजाब के लिए शुरू किया जा रहा है। भविष्य में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र और खासकर हिमालयी इलाकों तक इसका विस्तार करने की योजना है।
आईसर ने आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों की कमी वाले विद्यार्थियों के लिए डॉ. मनमोहन सिंह फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत दो विद्यार्थियों को दो साल के लिए दो-दो लाख रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। आईसर ने एम्स बठिंडा के साथ एमओयू भी किया है। 27 सितंबर को इनोवेशन लैब का उद्घाटन भी होगा। विद्यार्थी यहां दिन-रात रिसर्च कर सकेंगे। हैकथॉन में बेहतर आइडिया देने वाले विद्यार्थियों को उस पर काम करने के लिए तीन लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। ट्राइसिटी के अन्य संस्थानों के विद्यार्थियों को भी इसमें अवसर मिलेगा।
प्रो. त्रिपाठी ने एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि विद्यार्थी असाइनमेंट और कोडिंग के लिए एआई पर निर्भर हो रहे हैं। एआई अब केवल टूल नहीं, बल्कि एजेंट बन चुका है। आईसर में सेंटर फॉर एआई शुरू करने पर भी विचार चल रहा है।