चंडीगढ़। सुखना लेक में वीरवार देर रात अचानक जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। आनन-फानन में रात 1.40 बजे सुखना लेक का एक फ्लड गेट खोला गया। इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से बताया गया कि पहाड़ों से लगातार पानी आ रहा है, जिसकी वजह से शुक्रवार सुबह 9.10 बजे तक एक गेट खुला रखा गया था। कई रास्तों को भी एहतियातन बंद कर दिया गया था।शहर में मंगलवार से खास बारिश नहीं हुई है। इसके बावजूद सुखना लेक में पानी अभी भी खतरे के निशान के पास बना हुआ है। इसका कारण है कि लेक में पहाड़ों से काफी ज्यादा पानी आ रहा है। शुक्रवार को दिन में ही लेक में पानी बढ़ने लगा था, लेकिन रात में अचानक पानी का लेवल 1162.40 फुट पहुंच गया। यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि वीरवार देर रात 1.40 से शुक्रवार सुबह 9.10 बजे तक सुखना लेक का एक फ्लड गेट खोला गया था। गेट थोड़ा ही खोला गया, इसलिए ज्यादा इलाके प्रभावित नहीं हुए। हालांकि फिर भी पुलिस ने एहतियातन शास्त्री नगर पुल को बंद कर दिया था।
इसके अलावा किशनगढ़ समेत भगवानपुरा के इलाके में लोगों को सायरन बजाकर फ्लड गेट खोलने की सूचना दे दी गई थी। यूटी प्रशासन की तरफ से फ्लड गेट खोलने से पहले मोहाली और पंचकूला को भी जानकारी दी गई थी। वीरवार से ही सुखना लेक में पानी का स्तर बढ़ने लग गया था और 1162 फीट के ऊपर पहुंच गया था। वीरवार को भी फ्लड गेट खोलने की नौबत आ गए थी लेकिन पानी का स्तर अचानक कम हो गया था। बता दें कि सुखना लेक में 1163 फीट को खतरे का निशान माना जाता है लेकिन पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद सुखना लेक में 1165.40 फीट तक पानी पहुंच गया था। इसके बाद सुखना लेक के दो फ्लड गेट छह फीट तक खोलने पड़े थे। यह चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ था।