चंडीगढ़। सेक्टर-15 में पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के काफिले को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार नहीं थी। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को खालिस्तानी कहे जाने के विरोध में कांग्रेसी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आवास घेरने के लिए बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इससे पुलिस ने लाठी चार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। मामले को बढ़ता देखकर मौके पर और पुलिस बल बुलाना पड़ा। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर सिंह ढिल्लों समेत 13 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन के नजदीक करीब 250-300 कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्र हो गए। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेड का इस्तेमाल किया, लेकिन पुलिस बल के कम होने के चलते कार्यकर्ता बैरिकेड को तोड़कर सेक्टर-11 के चौक पर इकट्ठा हो गए। इसके बाद मौके पर अधिक पुलिस बल बुला लिया गया। पुलिस बल को पहुंचते देखकर कार्यकर्ताओं का काफिला सेक्टर-10/11 की विभाजित सड़क से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आवास घेरने के लिए रवाना हो गया। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर-3 में पुख्ता इंतजाम कर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक लिया। करीब 3 घंटे तक चले हंगामे के बाद सेक्टर 11 थाना पुलिस पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर सिंह ढिल्लों समेत 13 कार्यकर्ताओं को पकड़ कर थाने ले गई, जहां उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने बरिंदर सिंह ढिल्लों, सर्वोत्तम सिंह, प्रभ दीप सिंह, बलप्रीत सिंह, हनी जोशी, मनराज सिंह, जसपिंदरबीर सिंह, अमन गुरवीर सिंह, पुष्पिंदर दीप सिंह, लखविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह बैंस, चितवंत सिंह और योगेश हांडा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि पकड़े गए सभी को कांग्रेसियों को पुलिस ने बाद में जमानत पर छोड़ दिया।
केंद्र के इशारे पर किसानों पर अत्याचार कर रही मनोहर सरकार
बरिंदर ढिल्लों ने अपने मार्च के दौरान कहा कि मनोहर लाल सरकार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के इशारे पर किसानों पर अत्याचार कर रही है, जबकि आज हर वर्ग किसानों के साथ खड़ा है। दिल्ली में प्रवेश न मिलने पर इस समय किसान हरियाणा की सीमा के भीतर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हरियाणा सरकार को ऐसे समय में किसानों को प्रदर्शन स्थल पर सभी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बेतुके बयान जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस पहले भी किसानों के साथ थी और आगे भी किसानों का साथ देती रहेगी।