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चंडीगढ़ः 11 महीने में लॉयंस कंपनी पर 2 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना, फिर भी मौजूद है गंदगी

Sat, 30 Nov 2019 12:59 PM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सड़क पर बिखरा कचरा - फोटो : अमर उजाला
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एक ओर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में निगम को लगातार फटकार मिल रही है, वहीं दूसरी ओर हर माह सफाई के लिए करोड़ों रुपये लेने वाली लॉयंस कंपनी पर पिछले एक साल में नगर निगम 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगा चुका है। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था में कोई अंतर नहीं आया। न मशीनों से बेहतर सफाई दिखी और न मैनुअल सफाई में बेहतर तरीके से हो रही है। पार्षद से लेकर मेयर तक कंपनी के अधिकारियों से कह कह कर थक चुके हैं, लेकिन स्वच्छता के नाम पर महज दिखावा किया जा रहा है।
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नगर निगम ने शहर को दो भागों में बांटा है। एक भाग की सफाई निगम खुद करता है, वहीं दक्षिण के सेक्टरों की सफाई की जिम्मेदारी निगम ने लॉयंस कंपनी को दी है। 2017 में कंपनी से पांच साल के लिए अनुबंध किया गया था। इसमें कंपनी को मैनुअल और मशीनों से सफाई कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। अधिकारियों का कहना था कि मोहाली में सफाई व्यवस्था देखने के बाद चंडीगढ़ की जिम्मेदारी दी गई थी। बेहतर सफाई करने पर पूरे शहर की जिम्मेदारी देने की भी बात तत्कालीन प्रशासक ने कही थी, लेकिन ऐसा हो न सका।

सफाई व्यवस्था का हाल पूरे शहर की तरह दक्षिण के सेक्टरों में खराब हो गया। सहज सफाई केंद्रों में तो कचरे का अंबार लगा ही है, उसके अलावा बाहर भी कचरा फेंका रहता है। लोगों का कहना है प्रतिदिन कचरा नहीं उठता। कर्मचारी सफाई करने के बाद रोड गलियों में कचरा इकट्ठा कर जाते हैं। ऐसे में कचरा फिर वहीं के वहीं पहुंच जाता है। हाल ही में हुई सैनिटेशन कमेटी की बैठक में लॉयंस कंपनी के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था को लेकर फटकार लगाई थी।
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कमेटी के अध्यक्ष शक्ति प्रकाश देवशाली ने बताया कि लगातार गंदगी को लेकर शिकायत मिल रहीं थीं। जब करोड़ों रुपये का पेमेंट हर माह कंपनी को मिलता है तो सफाई में लापरवाही क्यों। कमेटी के निर्देश पर नवंबर माह में निगम ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है।

हर माह साढे़ चार करोड़ का पेमेंट

निगम की ओर से कंपनी को हर माह साढ़े चार करोड़ रुपये का पेमेंट किया जाता है। कंपनी से अनुबंध होने के बावजूद वर्ष 2018-19 की स्वच्छता रैंकिंग में शहर 20वें स्थान पर चला गया था। हालांकि जिन क्षेत्रों में नगर निगम की सफाई व्यवस्था है वहां की हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। निगम के लगभग एक हजार सफाई कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन कंपनी को करोड़ों का पेमेंट होने के कारण हमेशा निशाने पर आ जाती है।

कंपनी पर अब तक इस तरह हुई है कार्रवाई
महीना        मैनुअल जुर्माना        मैकेनिकल जुर्माना
नवंबर-2018          9,34,611        189634
दिसंबर-2018        1581910        408411
जनवरी-2019        1035502        191206
फरवरी-2019        621277        1384428
मार्च-2019        954445        213304
अप्रैल-2019        1273260        291820
मई-2019        1536741        558792
जून-2019        2903547        941128
जुलाई-2019        808897        1104965
अगस्त-2019        873759        1157427
सितंबर-2019        873759        1157427
कुल         13761407        6612269

सैनेटरी इंस्पेक्टरों ने 300 स्थानों पर कचरा फेंकने को कहा

लॉयंस कंपनी के अधिकारी प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि सेनेटरी इंस्पेक्टरों ने शहर के 300 स्थानों को चिह्नित करके वहां कचरा डालने को कहा है। हमने तो कई जगह कचरा डालना भी बंद कर दिया है। सैनेटरी इंस्पेक्टरों ने कहा था कि सुबह कचरा डाल देना, शाम को उठा लेना। इसलिए कई जगह सड़क किनारे कचरे के ढेर लगे रहते हैं, लेकिन उन्हें भी शाम तक उठा लिया जाता है।

हमें जुर्माना नहीं काम चाहिए : अरुण सूद
वार्ड 8 के पार्षद अरुण सूद का कहना है कि कंपनी को अनुबंध के अनुसार रोडबर्म पर घास साफ करना था, कर्व चैनल साफ करना था, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद यह काम नहीं होता। पूरी बारिश में यह काम एक बार हुआ। कुछ लोगों की शिकायत है कि कर्मचारी प्रतिदिन नहीं आते। हमें जुर्माने से मतलब नहीं, सफाई होनी चाहिए बस। जो नहीं हो रही।

हमारा पेमेंट नहीं हुआ, कमिश्नर को पत्र लिखा है: कंपनी अधिकारी
कंपनी के अधिकारी बूटा सिंह का कहना है कि हमारी काफी पेमेंट नहीं हुई है। इसके लिए निगम कमिश्नर केके यादव को पत्र भी लिखकर दिया है। निगम समय से पेमेंट करे। वहीं, प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि सैनिटेशन कमेटी ने कोई फटकार नहीं लगाई है। हमारे खिलाफ केवल माहौल बनाया जा रहा है। सफाई प्रतिदिन होती है और बेहतर होती है।
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सफाई तो ठीक है, लेकिन संतुष्ट करने वाली नहीं है : मेयर

मेयर राजेश कालिया का कहना है कि शहर के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा दक्षिण के सेक्टरों में सफाई व्यवस्था ठीक है, लेकिन संतुष्ट करने वाली सफाई नहीं है। जिस हिसाब से कंपनी को पेमेंट होता है और जिन कामों के लिए कंपनी से अनुबंध किया, उसके अनुसार काम नहीं हो पा रहा है। थोड़ा पेमेंट बकाया है, लेकिन कंपनी को अपना काम भी देखना चाहिए।

किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे: निगम कमिश्नर
निगम कमिश्नर केके यादव का कहना है कि कंपनी को करोड़ों का पेमेंट करते हैं, तो बेहतर सफाई का उम्मीद करते हैं। सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर अपने कर्मचारियों पर भी कार्रवाई कर रहे हैं, इसलिए काम में जब-जब लापरवाही मिलेगी कंपनी पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों से मॉनिटरिंग को कहा है।

जिसने कहा है कचरा बाहर फेंकने को उसका नाम बताएं: एमओएच
एमओएच डॉ. एपी सिंह का कहना है कि जिस सैनेटरी इंस्पेक्टर ने बाहर कचरा फेंकने को कहा है उसका नाम बताएं। किसी ने बाहर कचरा फेंकने को नहीं कहा। रही बात सफाई की तो जहां भी लापरवाही मिलेगी कार्रवाई करेंगे।
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