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अजनाला में बवाल: अमृतपाल के हथियारबंद समर्थकों ने थाने पर किया हमला, पुलिसवालों को पीटा, छह घायल

Thu, 23 Feb 2023 05:13 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

पुलिस अधिकारी अमृतपाल के समर्थकों के साथ बातचीत कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। अमृतपाल और उसके समर्थक एक ही बात पर अड़े हुए हैं कि उनके ऊपर दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए और जो दो आदमी उनके पकड़े गए हैं उनको तुरंत रिहा किया जाए।
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अजनाला थाने के बाहर हंगामा - फोटो : ANI
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विस्तार
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कट्टरपंथी संगठन 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने गुरुवार को अजनाला के थाने पर बंदूकों और तलवारों से हमला कर दिया। हिंसक झड़प में छह पुलिसकर्मी और कुछ अमृतपाल के समर्थक भी जख्मी हुए हैं। ये सभी अमृतपाल के करीबी लवप्रीत सिंह तूफान की रिहाई के लिए प्रदर्शन करने पहुंचे थे। लवप्रीत को रूपनगर के एक व्यक्ति वरिंदर सिंह से मारपीट और उसके अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अमृतपाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है। 

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अमृतपाल ने दो दिन पहले ही कहा था कि अगर एफआईआर रद्द न की गई तो वह समर्थकों के साथ अजनाला थाने का घेराव करेगा। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के दबाव में आरोपी लवप्रीत को रिहा करने का एलान भी कर दिया है। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी थाना परिसर से बाहर निकलकर बाहर बैठ गए। 

अजनाला पहुंचने से पहले अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों ने पुलिस के अमृतसर की ओर मार्च करने से रोके जाने पर ढिलवां टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें अजनाला थाने की ओर मार्च जारी रखने की अनुमति दे दी। इस विरोध के कारण अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों को पुलिस ने अजनाला बस स्टैंड पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। हालांकि, उनके समर्थकों ने बैरिकेड्स तोड़कर अपना रास्ता बना लिया और पुलिस के साथ झड़प के बाद थाने के अंदर प्रवेश करने में भी कामयाब रहे। 
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प्रदर्शनकारियों ने पत्थर भी फेंके। प्रदर्शनकारी पुलिस स्टेशन में 'अमृत संचार' (एक सिख समारोह) आयोजित करने के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की प्रति ले जाने वाला एक वाहन भी लाए थे। बंदूकों और तलवारों से लैस प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ जबरदस्त झड़प हुई। अमृतपाल के समर्थकों ने खुलेआम तलवारें लहराते हुए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। 

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से प्राथमिकी रद्द करने की मांग की और धमकी भी दी कि जब तक तूफान सिंह को रिहा नहीं किया जाता, वे थाने से बाहर नहीं निकलेंगे। वहीं, अमृतसर पुलिस ने देर रात स्पष्ट नहीं किया था कि गुरुवार की हिंसा को लेकर अमृतपाल सिंह या उनके समर्थकों के खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं। अमृतपाल सिंह ने कहा कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि तूफान को शुक्रवार को रिहा कर दिया जाएगा, जिसके बाद वे पुलिस स्टेशन पर धरना उठाने के लिए तैयार हो गए। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार सुबह तक अजनाला में रहेंगे जब तक तूफान को रिहा नहीं किया जाता। 



अमृतपाल के पहुंचते ही उग्र हुई भीड़
प्रदर्शनकारी सुबह करीब 11 बजे से थाने से कुछ दूर डटे हुए थे। दोपहर होते-होते तनाव बढ़ गया। अमृतपाल दोपहर करीब दो बजे अपने समर्थकों के साथ गांव जल्लुपुर खेड़ा से वाहनों का काफिला लेकर अजनाला पहुंचा। अमृतपाल और उसके समर्थक जब नारेबाजी करते हुए थाने की तरफ आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन अमृतपाल के समर्थक उग्र हो गए और बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस और समर्थकों में टकराव हो गया। 

अमृतपाल ने कहा- पुलिस ने दर्ज किया झूठा केस
झड़प के बाद अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गया। उसने कहा कि पुलिस ने मानसिक रूप से परेशान एक युवक वरिंदर सिंह के बयान पर झूठा केस दर्ज किया है।

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पुलिस से कहां हुई चूक
पुलिस का अनुमान था अमृतपाल की अपील पर 1500 के करीब समर्थक ही अजनाला पहुंचेंगे लेकिन समर्थकों की संख्या इससे कहीं ज्यादा दी। पुलिस ने नाके लगाए थे लेकिन उग्र भीड़ के सामने यह इंतजाम नाकाफी साबित हुए।

गृहमंत्री को चेतावनी दे चुका है अमृतपाल
अमृतपाल करीब छह माह पहले दुबई से लौटा था। वह वहां पर ट्राला चलाया करता था। वहां से लौट कर वह वारिस पंजाब दे संगठन के पूर्व प्रमुख दिवंगत अभिनेता दीप सिद्धू के संपर्क में आया। दीप सिद्धू की कार हादसे में मौत के बाद वह इस संगठन का प्रमुख बन गया और लगातार खलिस्तान समर्थित बयान जारी करने लगा। हाल ही में उसने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चेतावनी दी थी कि वह सिखों को दबाने का प्रयास न करें। वह जानते हैं कि इंदिरा गांधी का क्या अंजाम हुआ था।

टकराव की आशंका पर आसपास की दुकानें बंद थी
अमृतपाल सिंह के समर्थक सुबह से ही अजनाला में जुटने लगे थे। टकराव की आशंका को देखते हुए व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी थी। पुलिस ने थाने की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया था। भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने अमृतसर (ग्रामीण) के एसएसपी सतिंदर सिंह की अगुवाई में फ्लैग मार्च भी निकाला। पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में भी लिया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया।
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