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एमसी चुनाव: वार्ड आरक्षण नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग, EC को नोटिस

Sat, 22 Oct 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नगर निगम, चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
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नगर निगम के आगामी चुनाव के मद्देनजर वार्डों के आरक्षण संबंधी जो नोटिफिकेशन जारी की गई है, उसके खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस रामेंद्र जैन की खंडपीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव, यूटी स्टेट इलेक्शन कमीशन और स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को 7 नवंबर के लिए नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
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रामदरबार वार्ड नंबर 23 के निवासी डा. सतपाल गोयल जोकि लोक जन शक्ति पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं, इस बार अपने वार्ड के चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों के आरक्षण संबंधी जो नोटिफिकेशन 10 अक्टूबर को जारी किया गया है, को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट से नोटिफिकेशन को रद करने की मांग की है।

अपनी याचिका में डा. गोयल ने आरोप लगाया गया है कि वार्डों को आरक्षित करने में राजनीति की गई है और तय प्रावधानों का उल्लंघन कर बिना रोटेशन ही वार्ड फिर से आरक्षित कर दिए गए हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि याची सामान्य वर्ग से संबंधित है। वर्ष 2006 के निगम चुनाव के समय रामदरबार जोकि वार्ड नंबर 23 है, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था।
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वार्ड नंबर 23 को लगातार आरक्षित रखने का किया विरोध

Municipal Corporation office Chandigarh - फोटो : File Photo
​वर्ष 2011 के निगम चुनाव के समय इस वार्ड को महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। अब वर्ष 2016 दिसंबर के तीसरे सप्ताह में होने वाले निगम पार्षद के चुनाव लिए नगर निगम ने 10 अक्टूबर को वार्ड आरक्षित करने की जो नोटिफिकेशन जारी की है, उसमें वार्ड नंबर 23 को फिर से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह पूरी तरह संविधान के 74 वें संशोधन का ही उल्लंघन नहीं बल्कि गैरकानूनी और असंवैधानिक भी है, क्योंकि तय प्रावधानों के तहत रोटेशन के आधार पर वार्डों को अनुसूचित जाति/जनजाति, अनुसूचित जाति/जनजाति महिला और महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए। लेकिन वार्ड नंबर 23 पिछले काफी समय से आरक्षित था, इसलिए इस बार इसे आरक्षित नहीं किया जाना चाहिए।

इस संबंध में याचिकाकर्ता से प्रतिवादी पक्ष से भी शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने 10 अक्तूबर को जो नोटिफिकेशन जारी की है, उनके अंतर्गत वार्ड नंबर 5 व 6 को अनुसूचित जाति वर्ग (महिला), वार्ड नंबर 7, 11 व 23 को अनुसूचित जाति और वार्ड नंबर 2, 4, 9, 12, 13, 15 व 17 को महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया है।
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