नगर निगम की वार्डबंदी के लिए सोमवार को होने वाली मीटिंग स्थगित हो गई। सभी अधिकारियों की उपस्थिति न होने के कारण मीटिंग नहीं हो पाई। अब मीटिंग कब होगी अभी तारीख निश्चित नहीं है। मीटिंग स्थगित होने से वार्ड बढ़ाने के कयास पर भी विराम लग गया है। बताया यह जा रहा है कि अब वार्डों की संख्या बढ़ना संभव नहीं है।
दिसंबर में नगर निगम के चुनाव हैं। ऐसे में बचे समय में वार्ड बढ़ाने की प्रक्रिया को पूरा करना असंभव लग रहा है। इसके लिए पूरे शहर का सर्वे कराया जाना है। बहुत से लोग कॉलोनियां हटाए जाने के कारण शहर में दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं। जिस कारण वोट इधर-उधर हो गए हैं। स्टेट इलेक्शन कमिश्नर राकेश मेहता की मौजूदगी में वार्डबंदी की मीटिंग होनी थी। जिसमें एडवाइजर परिमल राय और गृह सचिव अनुराग अग्रवाल की मौजूदगी भी जरूरी है। सोमवार को गृह सचिव किन्हीं कारणों से सुबह ऑफिस नहीं आए। जिस कारण मीटिंग को स्थगित करना पड़ा। इस समय चंडीगढ़ में 26 वार्ड हैं। पांच वार्ड बढ़ाने की बात चल रही है। वार्ड बढ़ाने के लिए भाजपा सबसे ज्यादा दबाव डाल रही है।